जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
Sandesh Wahak Digital Desk: जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्हें राजधानी के साउथ ब्लॉक में तीनों सेनाओं की ओर से औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गढ़वाल रेजिमेंट के वरिष्ठ और जांबाज अधिकारी जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जो 30 मई को अपना शानदार कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं।
देश के सर्वोच्च सैन्य पद की कमान संभालते ही नए सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए अपना विजन साफ कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में सेनाओं का मुख्य फोकस ‘जय’ (JAI) के मंत्र पर रहेगा, जिसका अर्थ है- Jointness (जॉइंटनेस/एकता), Aatmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Innovation (नवाचार)।
उग्रवाद और संघर्ष क्षेत्रों में मनवाया लोहा
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का 40 साल से अधिक का सैन्य करियर अदम्य साहस और बेमिसाल रणनीतिक फैसलों से भरा रहा है। उन्होंने देश के विभिन्न भौगोलिक और चुनौतीपूर्ण संघर्ष क्षेत्रों में अद्वितीय सेवाएं दी हैं। उन्होंने असम में उग्रवाद-रोधी अभियानों के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन राइनो’ के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स का सफल नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बेहद संवेदनशील माहौल में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली।
चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों के बीच उन्होंने केंद्रीय सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन और पश्चिमी मोर्चे पर तैनात भारतीय सेना की सबसे प्रमुख स्ट्राइक कोर ‘II कोर’ (द्वितीय कोर) की कमान संभालकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कजाखस्तान में भारत के रक्षा अताशे के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।
थलसेना उप प्रमुख से सीडीएस के सर्वोच्च पद तक का सफर
14 दिसंबर, 1985 को गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन के जरिए भारतीय सेना का हिस्सा बने जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं। वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक थलसेना के उप प्रमुख के पद पर रहे। इससे पहले, मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
उनकी अन्य महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों में एक माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, सैन्य सचिव शाखा में सहायक सैन्य सचिव, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के उप कमांडर और रक्षा मंत्रालय (थलसेना) के एकीकृत मुख्यालय में सैन्य खुफिया के उप महानिदेशक जैसे उच्च पद शामिल हैं।
कई सैन्य सम्मानों से नवाजे गए
देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट, वफादार और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई सर्वोच्च सैन्य पदकों से अलंकृत किया जा चुका है, जिनमें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक, विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।
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