मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश एक साल के निचले स्तर पर, निवेश 40% घटा
Mutual Fund Investment News : मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ गई। शेयर बाजार में बढ़ती अस्थिरता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने नई रकम लगाने में सतर्कता दिखाई। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 22,907 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अप्रैल के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत कम है। यह पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर है।
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में इक्विटी फंड्स में 38,440 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। मई में यह आंकड़ा घटकर 22,907 करोड़ रुपये रह गया। बाजार में उतार-चढ़ाव, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को निवेशकों की सतर्कता की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स में निवेश घटा
मई के दौरान लगभग सभी प्रमुख इक्विटी श्रेणियों में निवेश में कमी दर्ज की गई। लार्जकैप फंड्स में निवेश अप्रैल के 2,524 करोड़ रुपये से घटकर 1,593 करोड़ रुपये रह गया। मिडकैप फंड्स में निवेश 6,551 करोड़ रुपये से घटकर 4,385 करोड़ रुपये पर आ गया।
स्मॉलकैप फंड्स में भी निवेश कम हुआ। अप्रैल में जहां इस श्रेणी में 6,885 करोड़ रुपये का निवेश आया था, वहीं मई में यह घटकर 4,946 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि सभी इक्विटी श्रेणियों में स्मॉलकैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे।
डेट और हाइब्रिड फंड्स से भी घटी निवेशकों की दिलचस्पी
मई में डेट म्यूचुअल फंड्स से 96,948 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई। इसके विपरीत अप्रैल में इस श्रेणी में 2.47 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया था। लिक्विड फंड्स और मनी मार्केट फंड्स से सबसे ज्यादा रकम निकाली गई, जबकि केवल क्रेडिट रिस्क फंड्स में मामूली निवेश देखने को मिला।
हाइब्रिड फंड्स में भी निवेश घटा। मई में इस श्रेणी में 10,560 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अप्रैल के मुकाबले लगभग 49 प्रतिशत कम है। हालांकि आर्बिट्राज फंड्स और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में निवेशकों की रुचि बनी रही।
गोल्ड ETF और इंडेक्स फंड्स में भी गिरावट
गोल्ड ETF, इंडेक्स फंड्स और अन्य ETF योजनाओं में निवेश में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मई में इन योजनाओं में कुल निवेश घटकर 362 करोड़ रुपये रह गया, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 20,082 करोड़ रुपये था। इसी दौरान गोल्ड ETF से 725 करोड़ रुपये की निकासी भी दर्ज की गई।
AMFI के अनुसार, वैश्विक घटनाक्रमों और बाजार में जारी अस्थिरता का असर निवेशकों की धारणा पर दिखाई दिया है। हालांकि SIP के माध्यम से नियमित निवेश जारी है और लंबी अवधि के निवेशकों की भागीदारी बनी हुई है।

