धर्मेंद्र प्रधान की कैबिनेट से हुई छुट्टी, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया इस्तीफा
Dharmendra Pradhan Resignation accepted: पेपर लीक विवाद (Paper Leak Controversy) और देशभर में छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
पिछले एक महीने से NEET Paper Leak और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना और देश के कई शहरों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन का मुख्य मुद्दा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग था।
25 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को मंजूरी मिलने के साथ ही छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से लगातार उठाए जा रहे कदमों की कड़ी और मजबूत होती दिखाई दी।
इस आंदोलन के दौरान जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) भी छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। बाद में सरकार के साथ कई दौर की बातचीत और लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
जंतर-मंतर पर जश्न, CJP ने खत्म किया आंदोलन
Dharmendra Pradhan का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और छात्रों में खुशी का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते नजर आए।
सीजेपी की ओर से कहा गया कि सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। इनमें प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर राहत और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। इसके बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
लगातार बैकफुट पर रही सरकार
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और तेज हो गई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किया और छात्रों की चिंताओं को गंभीर बताते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा दिया।
इसी क्रम में 24 जुलाई को सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। अब धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे को मंजूरी मिलने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की सबसे बड़ी राजनीतिक कार्रवाई माना जा रहा है।

