शादीशुदा पुरुष ज्यादा कर रहे आत्महत्या, NCRB के आंकड़ों में 10 सालों में 82% की उछाल
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत में वैवाहिक जीवन के तनाव ने चिंताजनक रूप ले लिया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों में शादी या पत्नी से विवाद के चलते आत्महत्या करने वाले पुरुषों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। 2015 में जहां एक साल में 2,497 विवाहित पुरुषों ने यह कदम उठाया था, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 4,536 पर जा पहुंची। यानी करीब 82 फीसदी का इजाफा।

अब हर साल आधे से ज्यादा आत्महत्या पुरुष कर रहे, यूपी में सबसे खराब हालात
करीब एक दशक पहले तक शादी के झगड़ों में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक आत्महत्या करती थीं। मगर 2022 में यह प्रवृत्ति पूरी तरह पलट गई। 2024 में कुल 8,524 मामलों में से 53 फीसदी (4,536) पुरुष और 46 फीसदी (3,986) महिलाएं थीं। हैरानी की बात यह है कि आत्महत्या करने वाली महिलाओं में से दो-तिहाई की उम्र 30 साल से कम थी, जबकि आधे से अधिक पुरुष 30 साल से अधिक उम्र के थे।
कारणों की बात करें तो दहेज, विवाहेतर संबंध, तलाक और वैवाहिक असंगति प्रमुख हैं। 2024 के 8,534 मामलों में 3,052 अकेले ‘वैवाहिक सामंजस्य न बन पाने’ के चलते हुए। राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, यहाँ 764 लोगों ने यह कदम उठाया, जिनमें 394 पुरुष और 370 महिलाएँ थीं। इसके बाद महाराष्ट्र (421 मामले) का स्थान है। विवाहेतर संबंधों के चलते आत्महत्या के मामले भी तेजी से बढ़े हैं; 2014 में जहां 1,624 लोगों ने इस कारण से जान दी थी, वहीं अब यह आंकड़ा कहीं अधिक है।
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