Lucknow News: ओमेक्स रेजीडेंसी पर सरकारी सड़क और नाले को कब्जाने का आरोप, कॉलोनी वासियों ने किया प्रदर्शन
Lucknow News: सुल्तानपुर रोड स्थित ओमेक्स रेजीडेंसी आर-1 द्वारा कथित रूप से तथ्यों को छिपाकर मानचित्र स्वीकृत कराने और सार्वजनिक 60 फीट चौड़ी सड़क व नाले पर अतिक्रमण करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस अवैध कब्जे के विरोध में सरस्वतीपुरम, लल्लन सिंह नगर, आदर्श नगर, सरसवां और अर्जुनगंज के स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया है। क्षेत्रवासियों ने दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही अतिक्रमण मुक्त कराकर सड़क निर्माण शुरू नहीं कराता है तो धरना-प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
आरटीआई और दस्तावेजों में बड़ा खुलासा
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस 60 फीट चौड़ी सड़क और नाले पर ओमेक्स कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, उसका निर्माण स्वयं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कराया था। वर्ष 2017 में प्राप्त आरटीआई सूचना के अनुसार, एलडीए ने लगभग 1.43 करोड़ रुपये की लागत से इस सार्वजनिक मार्ग का निर्माण कराया था।

खसरा नंबरों की बाजीगरी, अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप
क्षेत्रवासियों का दावा है कि ओमेक्स रेजीडेंसी के बैनामे और स्वीकृत मानचित्र में भारी विसंगतियां हैं।
सरकारी सड़क: खसरा संख्या 497 (प) में दर्ज है।
ओमेक्स का बैनामा: इसमें खसरा संख्या 497 (स) अंकित है।
निवासियों का आरोप है कि कंपनी ने जानबूझकर गलत तथ्य प्रस्तुत कर केवल खसरा संख्या 497 दर्शाकर एलडीए अधिकारियों को गुमराह किया और मानचित्र स्वीकृत करा लिया, ताकि सार्वजनिक सड़क को अपने प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया जा सके।
यह मामला उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। विधायक पंकज मलिक ने अर्जुनगंज से ओमेक्स रेजीडेंसी को जोड़ने वाली इस सड़क की समस्याओं को सदन में रखा था। जिसके बाद 31 जुलाई, 2024 को विधानसभा सचिवालय ने शासन को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा, विधायक राजेश्वर सिंह, मंत्री धर्मपाल सिंह, एमएलसी सुरेंद्र चौधरी, विधायक जय देवी और कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना जैसे दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन को पत्र लिखकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। निरीक्षण रिपोर्ट में भी सड़क और नाले के क्षतिग्रस्त होने और अतिक्रमण की आशंका की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन एलडीए के स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनका यह संघर्ष वर्ष 2014 से जारी है। उन्होंने शासन से निम्नलिखित मांगें की हैं।
ओमेक्स रेजीडेंसी के पक्ष में स्वीकृत मानचित्र की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त किया जाए।
सार्वजनिक सड़क और नाले को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क और नाले का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित कंपनी की होगी।
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