राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले विनय कटियार, ये जितने हैं सब चोर हैं, इनकी छुट्टी होगी
Ayodhya News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दानपात्रों के चढ़ावे और आभूषणों में कथित हेरा-फेरी के मामले ने अब उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण पर बजरंग दल के संस्थापक और फायरब्रांड नेता विनय कटियार ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत में कटियार ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई हल्का-फुल्का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था और अनगिनत लोगों के बलिदान व संघर्ष से जुड़ा विषय है।
आरोपी भागेंगे या तो जेल जाएंगे
चोरों और घोटालेबाजों को आड़े हाथों लेते हुए विनय कटियार ने कड़े लहजे में कहा, यह मंदिर आंदोलन वो जगह है जिसके लिए हमारे जैसे लोग जेल गए और कल्याण सिंह ने अपनी सरकार का इस्तीफा दे दिया था, तब जाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। ये जितने लोग भी इसमें (घोटाले में) शामिल हैं, ये सब चोर हैं। इनकी छुट्टी बहुत जल्द हो जाएगी। जब पुलिस और जांच एजेंसियों का डंडा चलेगा, तो कितने साल का घोटाला है और इसमें कौन-कौन शामिल है, सब सच बाहर आ जाएगा। इन दोषियों को या तो भागना पड़ेगा या फिर ये जेल की सलाखों के पीछे होंगे।

ट्रस्ट कर्मी के घर से लाखों की नकदी बरामद
इस महाघोटाले की जांच में जुटी एसओजी (SOG) और पुलिस टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक कर्मचारी लवकुश तिवारी के पास से लाखों रुपये का कैश बरामद किया है। लवकुश कथित तौर पर मंदिर में चढ़ावे की गणना (गिनती) के कार्य से जुड़ा हुआ था।
इससे पहले एसओजी ने रुदौली कोतवाली क्षेत्र के फगौली ठाकुरान गांव में रहने वाले लवकुश के पिता बच्चूलाल तिवारी से भी पूछताछ की थी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, महज कुछ वर्षों के भीतर ही लवकुश ने अयोध्या में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा था, जिस पर वर्तमान में मकान का निर्माण चल रहा है। लवकुश के पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुष्टि की है कि पुलिस उनके बेटे और घर से मिली नकदी को अपने साथ ले गई है। पुलिस को उम्मीद है कि लवकुश से लंबी पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं।
समाजवादी पार्टी ने की CBI जांच की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट के बहाने अब विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने सरकार और ट्रस्ट को घेरना शुरू कर दिया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने मांग की है कि इस पूरे गबन और वित्तीय अनियमितता की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या फिर सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। वहीं, सपा के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने भी आरोप लगाया कि मंदिर के धन और बहुमूल्य आभूषणों की सुरक्षा में लंबे समय से बड़ी गड़बड़ी चल रही है, जिसकी गहराई से जांच होना बेहद जरूरी है।
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