उद्धव ठाकरे की बढ़ी टेंशन! UBT के 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज

Maharastra News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि शिवसेना के स्थापना दिवस (19 जून) से पहले राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पार्टी के 9 सांसदों में से 6 सांसद अलग रुख अपना सकते हैं। हालांकि इन दावों पर न तो संबंधित सांसदों की ओर से कोई स्पष्ट बयान आया है और न ही पार्टी नेतृत्व ने ऐसी किसी स्थिति की पुष्टि की है।

 

किन सांसदों के नाम चर्चा में?

राजनीतिक चर्चाओं और मीडिया रिपोर्ट्स में जिन सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव, राजाभाऊ वाजे, नागेश पाटिल आष्टीकर और ओमराजे निंबालकर शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ सांसदों के दिल्ली पहुंचने की चर्चा है। इसी बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत और सांसद अनिल देसाई भी दिल्ली पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

संजय राउत ने किया खंडन

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने पार्टी में किसी भी तरह की टूट की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं और भविष्य में भी एकजुट रहेंगे। राउत का दावा है कि पार्टी संगठन मजबूत है और किसी प्रकार का संकट नहीं है।

शिंदे गुट ने क्या कहा?

उधर, एकनाथ शिंदे गुट के कुछ नेताओं के बयानों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है। शिंदे गुट की ओर से कहा गया है कि उनकी पार्टी के दरवाजे उन सभी नेताओं के लिए खुले हैं जो उनके नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। हालांकि किसी विशेष सांसद का नाम लेकर कोई दावा नहीं किया गया है।

स्थापना दिवस से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी

19 जून को शिवसेना का स्थापना दिवस है। ऐसे में पार्टी के भीतर संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं और अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

फिलहाल, पार्टी में टूट या सांसदों के पाला बदलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को अभी केवल राजनीतिक चर्चाओं और कयासों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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