भारत के Rafale बनेंगे ‘सुपरफाइटर’, F5 टेक्नोलॉजी पर फ्रांस की सहमति

France India Defence Deal: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बड़ी प्रगति सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस ने भविष्य में भारत को मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमानों में अत्याधुनिक Rafale F5 तकनीक देने पर सहमति जताई है। इस अपग्रेड के बाद भारतीय वायुसेना को ऐसे राफेल मिल सकते हैं जो मौजूदा संस्करणों की तुलना में कहीं अधिक सक्षम और घातक होंगे।

राफेल F5 को सिर्फ एक लड़ाकू विमान नहीं बल्कि एक उन्नत एयर कॉम्बैट सिस्टम के रूप में देखा जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निर्णय सहायता, एडवांस्ड सैटेलाइट कम्युनिकेशन, बेहतर डेटा फ्यूजन और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर जैसी आधुनिक क्षमताएं शामिल होंगी। माना जा रहा है कि इससे भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

Rafale F5 की खासियतें

  • 114 प्रस्तावित नए राफेल विमानों में नेक्स्ट जनरेशन F5 तकनीक शामिल किए जाने की योजना।
  • AI आधारित निर्णय सहायता प्रणाली से युद्धक्षेत्र में तेजी से प्रतिक्रिया संभव।
  • एडवांस्ड SATCOM (सैटेलाइट कम्युनिकेशन) लिंक से सुरक्षित और लंबी दूरी की कनेक्टिविटी।
    नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता, जिससे कई प्लेटफॉर्म एक साथ समन्वित तरीके से काम कर सकेंगे।
  • अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और दुश्मन के एयर डिफेंस को निष्क्रिय करने की क्षमता।
  • भविष्य की क्रूज और एंटी-शिप मिसाइलों को ले जाने के लिए अनुकूल डिजाइन।
  • अधिक शक्तिशाली इंजन और बेहतर डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम।
  • SATCOM और AI से और घातक होगा राफेल

रिपोर्ट्स के अनुसार Rafale F5 में लगाया जाने वाला एडवांस्ड सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम भारतीय सैन्य नेटवर्क के साथ पूरी तरह समन्वित होगा। इससे विमान को ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन, रडार नेटवर्क और अन्य रक्षा प्रणालियों से रियल टाइम डेटा मिल सकेगा।

इसके अलावा AI आधारित तकनीक पायलट को युद्ध के दौरान तेजी से निर्णय लेने में मदद करेगी। इससे जटिल सैन्य अभियानों में मिशन की सफलता की संभावना और बढ़ जाएगी।

दुश्मन के एयर डिफेंस को देगा चुनौती

राफेल F5 में मौजूदा SPECTRA इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम का और उन्नत संस्करण लगाया जाएगा। यह विमान दुश्मन के रडार और मिसाइल सिस्टम को भ्रमित करने के साथ-साथ उनके एयर डिफेंस नेटवर्क को कमजोर करने में सक्षम होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीकों के साथ यह विमान दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक जाकर मिशन पूरा करने की क्षमता हासिल कर सकता है।

F-35 का विकल्प बन सकता है राफेल F5

फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन F5 संस्करण को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित कर रही है। इसे पांचवीं और छठी पीढ़ी की तकनीकों के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी डिलीवरी 2027 से शुरू करने पर भी चर्चा चल रही है।

फ्रांस को उम्मीद है कि जिन देशों के लिए अमेरिकी F-35 खरीदना आसान नहीं है, उनके लिए Rafale F5 एक मजबूत विकल्प बनकर उभरेगा।

मोदी-मैक्रों वार्ता में भी उठा मुद्दा

प्रधानमंत्री Narendra Modi और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच हुई हालिया बैठक में रक्षा सहयोग और भारत में अधिक स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। भारत की 114 राफेल विमानों की संभावित खरीद योजना के तहत तकनीक हस्तांतरण और स्वदेशी निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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