यूपी के आमों पर संकट, जापान-अमेरिका ने क्यों रोकी खरीद, जानें वजह

Malihabad Mango News: उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद क्षेत्र के मशहूर आम उत्पादक और व्यापारी इस समय गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इस बार जापान ने भारत से आम खरीदने से इनकार कर दिया है। कारण बताया गया है कि फलों में कीटनाशकों का अधिक उपयोग पाया गया है। इसके साथ ही अमेरिका और कुछ अन्य देशों ने भी आम के आयात पर रोक या कमी कर दी है।

खाड़ी देशों और यूरोपीय बाजारों में भी निर्यात प्रभावित हुआ है। वहीं, अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ते परिवहन खर्च ने भी व्यापार को प्रभावित किया है। मार्च में मौसम के उतार-चढ़ाव, बारिश और ओलावृष्टि से आम की गुणवत्ता और आकार पर भी असर पड़ा है, जिससे निर्यात में और दिक्कतें बढ़ गई हैं।

20 वर्षों से अमेरिका और जापान भेजा जा रहा था आम

मलिहाबाद के माल क्षेत्र में 15 बीघे में आम के बाग रखने वाले बागबान बिशन पाल सिंह पिछले 20 वर्षों से अमेरिका और जापान में आम निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने कई बार लाखों रुपये का आम विदेश भेजा है और इस बार भी पूरी तैयारी की थी।

उन्होंने आम को कीटनाशक से बचाने के लिए विशेष पैकेटिंग की, ताकि स्प्रे सीधे फल पर न जाए। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर भी लगाए गए। लेकिन अब जापान और अमेरिका ने आम लेने से मना कर दिया है। पहले जो आम जापान में 150 रुपये प्रति किलो तक बिकता था, वह अब लोकल मंडी में 28 से 35 रुपये में बेचना पड़ रहा है, जिससे भारी नुकसान हो रहा है।

विशेषज्ञों ने कीटनाशक उपयोग पर जताई चिंता 

मशहूर पद्मश्री किसान कलीमुल्ला खान का कहना है कि बाजार में नकली और जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। वहीं, पैक हाउस मैनेजर सचिन ने बताया कि निर्यात से पहले आमों का वेयर हीट ट्रीटमेंट (VHT) किया जाता है, जिससे कीड़े और बैक्टीरिया खत्म किए जाते हैं।

जापानी टीम ने हाल ही में भारत में इस प्रक्रिया की जांच की और कुछ खामियां पाई, जिसके बाद आयात पर रोक लगाई गई। भारत दुनिया के कुल आम उत्पादन का लगभग 40-45% हिस्सा पैदा करता है, लेकिन अब गुणवत्ता और मानकों पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे निर्यात पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

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