PDA पर ओमप्रकाश राजभर का बड़ा हमला, सपा पर दलित अत्याचारियों को संरक्षण देने का आरोप
Om Prakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट करते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए और यूपी पुलिस के आंकड़े भी साझा किए।
PDA पर सवाल, सपा पर संरक्षण देने का आरोप
ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी दलितों पर अत्याचार करने वाले लोगों को संरक्षण देती है। उन्होंने PDA के अर्थ पर तंज कसते हुए लिखा कि इसका मतलब ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ भी हो सकता है। राजभर ने कहा कि सपा नेताओं को यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि दलितों पर हुए अपराधों के मामलों को छिपाया जा सकता है।
उन्होंने दावा किया कि यूपी पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि दलितों और शोषितों पर अत्याचार के मामलों में बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों की संलिप्तता सामने आती है।
जोनवार आंकड़े जारी कर बढ़ाया राजनीतिक विवाद
राजभर ने अपने पोस्ट में यूपी के विभिन्न पुलिस जोन के आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार:
- गोरखपुर जोन में 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम आरोपी
- वाराणसी जोन में 603 मामलों में 350 यादव और 178 मुस्लिम
- आगरा जोन में 287 मामलों में 85 यादव और 93 मुस्लिम
- कानपुर जोन में 334 मामलों में 166 यादव और 57 मुस्लिम
- प्रयागराज जोन में 423 मामलों में 156 यादव और 126 मुस्लिम
- बरेली जोन में 430 मामलों में 100 यादव और 222 मुस्लिम
- मेरठ जोन में 288 मामलों में 24 यादव और 319 मुस्लिम
- लखनऊ जोन में 1094 मामलों में 410 यादव और 428 मुस्लिम आरोपी पाए गए
इन आंकड़ों के जरिए उन्होंने सपा पर गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी गलत लोगों को बचाने का काम करती है।
अरे वो, सपाई लोडरों! तुम्हें क्या लगा ओम प्रकाश राजभर भूल गया?
PDA यानी 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) की दूसरी किस्त जारी नहीं करेगा?
दलितों पर सपाई यादवों और सपाई मुसलमानों के अत्याचार को जोनवार और कमिश्नरेटवार सार्वजनिक नहीं करेगा?
तो यह तुम्हारी गलतफहमी…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 18, 2026
कमिश्नरेट और सपा पर सीधा हमला
राजभर ने आगरा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी कमिश्नरेट के मामलों का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में दलितों पर मारपीट, धमकी, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर मामलों में बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों पर मुकदमे दर्ज हैं।
इसके साथ ही उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। राजभर ने कहा कि जो नेता दलित उत्पीड़न को लेकर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले अपने समर्थकों की भूमिका भी देखनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के ‘सेवा-सत्कार’ में यूपी पुलिस कोई कमी नहीं कर रही है।
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