नई EVM के लिए चुनाव आयोग ने मांगे 500 करोड़, 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज

Election Commission: देश में परिसीमन की चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग ने 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) खरीदने और पुरानी मशीनों को अपग्रेड करने के लिए केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मांगी है।

अंग्रेजी अखबार ET की रिपोर्ट के मुताबिक, 2029 तक मतदान केंद्रों की संख्या में करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके अलावा 2013-14 से इस्तेमाल हो रही कई EVM मशीनें अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी होंगी, जिन्हें रिटायर करना पड़ेगा।

लाखों नई मशीनें खरीदने की योजना

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग 3.57 लाख बैलट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट खरीदने की तैयारी कर रहा है। बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट मिलकर एक पूरी EVM बनाती हैं। इन मशीनों की खरीद पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, आयोग ने केंद्र को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों को सुचारू रूप से कराने के लिए यह खरीद जरूरी है। मशीनों का उत्पादन और सप्लाई क्वालिटी जांच के बाद मार्च 2027 तक पूरी हो सकती है।

बूथ बढ़ने और पुरानी मशीनों के रिटायर होने से बढ़ी जरूरत

व्यय विभाग इन खरीदों के लिए 512.4 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है। एक बैलट यूनिट की कीमत 8,577 रुपये और कंट्रोल यूनिट की कीमत 9,737 रुपये तय की गई है।

फिलहाल चुनाव आयोग के पास 30.77 लाख बैलट यूनिट, 22.14 लाख कंट्रोल यूनिट और लगभग 24 लाख VVPAT मशीनें हैं। लेकिन एक EVM की औसत उम्र 15 साल होती है।

अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1,200 वोटरों का नियम लागू होने से बूथों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी। 2024 में जहां 10.53 लाख मतदान केंद्र थे, वहीं 2029 तक इनके 15.39 लाख पहुंचने का अनुमान है। यही वजह है कि चुनाव आयोग अभी से नई EVM खरीदने की तैयारी में जुट गया है।

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