‘जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों में सिर्फ 1-2% पढ़े-लिखे’, छात्रों को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की दो टूक
Agra News: यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन (Anandiben Patel) पटेल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों में केवल “एक-दो फीसदी” ही पढ़े-लिखे युवा थे।
उन्होंने युवाओं से ऐसे आंदोलनों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि केवल मोबाइल और टीवी के जरिए ज्ञान हासिल करने के बजाय किताबों का अध्ययन करना चाहिए।
आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल Anandiben Patel ने कहा कि युवाओं को यह तय करना होगा कि उन्हें देश निर्माण में योगदान देने वाले युवाओं की राह चुननी है या भटकाव की। उन्होंने कहा कि 25 से 28 वर्ष की उम्र के युवाओं ने भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ तैयार किया है, जो देश की नई सोच और क्षमता का उदाहरण है।
युवाओं को दिए प्रेरणा के उदाहरण
राज्यपाल ने कहा कि भारत तेजी से खेल और विज्ञान दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश खेल महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कुछ युवाओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने आईएएस परीक्षा में असफल होने के बाद हार नहीं मानी और नदी किनारे कपड़े इकट्ठा करने वाली महिलाओं के साथ मिलकर बैग बनाने का काम शुरू किया। आज उसी पहल से करीब 2500 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज की बुराइयों पर केवल चर्चा करने के बजाय शिक्षा और नवाचार के जरिए समाधान खोजने की जरूरत है।
डिजीलॉकर से डिग्री देने की सलाह
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल Anandiben Patel ने हजारों विद्यार्थियों की डिग्री डिजीलॉकर पर अपलोड की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छात्रों को कागजी डिग्री देने के बजाय डिजिटल डिग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि दस्तावेज सुरक्षित रहें और उन्हें कहीं भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
Anandiben Patel ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि देश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। पहले जहां गिने-चुने विदेशी छात्र पढ़ने आते थे, वहीं अब उनकी संख्या हजारों में पहुंच चुकी है।
समारोह के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवनभर सीखते रहने, नवाचार अपनाने, नैतिक मूल्यों के साथ तकनीक का उपयोग करने और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
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