वॉशरूम में फोन, तो कहीं छुपाया सिमकार्ड, NEET री-एग्जाम में धरे गए हाईटेक नकलबाज

NEET UG 2026 Re Exam: रविवार को आयोजित नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से नकल और धोखाधड़ी के कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते इन सभी कोशिशों को समय रहते नाकाम कर दिया गया। हैदराबाद, वाराणसी और बिहार के लखीसराय जैसे स्थानों से कई संदिग्ध पकड़े गए, जिससे परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने की कोशिशें भी सामने आई हैं।

हैदराबाद में मोबाइल से नकल करते छात्र गिरफ्तार

हैदराबाद के एक परीक्षा केंद्र पर 18 वर्षीय छात्र को मोबाइल फोन से नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। बताया गया कि आरोपी ने सुबह से ही योजना बनाकर फोन को छिपाया था और परीक्षा के दौरान वॉशरूम जाकर इंटरनेट पर जवाब खोजने की कोशिश कर रहा था। देर होने पर स्टाफ को शक हुआ और उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर बीएनएस और लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

बिहार के लखीसराय में सॉल्वर गैंग का खुलासा

बिहार के लखीसराय जिले में पुलिस ने नीट परीक्षा के दौरान बड़ा खुलासा किया है। यहां दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने वाले 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। एसपी प्रेरणा कुमार के अनुसार, यह एक संगठित सॉल्वर गैंग का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब बायोमेट्रिक ऑपरेटरों और बिचौलियों सहित अन्य 10 से 12 लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

वाराणसी में छात्र के अंडरगारमेंट्स से मिला सिम कार्ड

वाराणसी के हरिश्चंद्र पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक छात्र को परीक्षा से पहले गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट्स से सिम कार्ड, पुराना नीट प्रश्न पत्र और चिपकाने वाला पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी की पहचान बलिया निवासी प्रिंस दुबे के रूप में हुई है, जो जबलपुर में रहकर तैयारी कर रहा था।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी और सख्त चेकिंग की वजह से इन मामलों का समय रहते खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी छात्र गलत तरीका अपनाएगा, वह सुरक्षा व्यवस्था की परतों में पकड़ा जाएगा। फिलहाल सभी मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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