तेज प्रताप यादव ने अपने ही पीए पर लगाया चोरी का आरोप, सचिवालय थाने में शिकायत

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के पटना स्थित सरकारी बंगले में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने अपने ही निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एक लिखित तहरीर दी है। अपनी शिकायत में उन्होंने पीए पर घर से भारी मात्रा में नकदी और कई कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व आभूषण चोरी करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री ने पुलिस से इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

20 लाख रुपये का पार्टी फंड, सोना और आईफोन लेकर फरार होने का दावा

थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में तेज प्रताप यादव ने बताया कि उनके 42, हार्डिंग रोड स्थित आवास से करीब 20 लाख रुपये की नकद राशि गायब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी गया यह कैश पार्टी फंड से संबंधित था। नकदी के अलावा चोरी गए सामानों की सूची काफी लंबी है, जिसमें 2 तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, सोनी कंपनी की चार पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक मैकबुक लैपटॉप, एक लेनोवो कंपनी का लैपटॉप और चार महंगे आईफोन-17 प्रो मैक्स मोबाइल फोन शामिल हैं।

ड्राइवर और रसोइया बने गवाह

तेज प्रताप के अनुसार, यह घटना बीते 22 की देर रात की है। आवेदन में दावा किया गया है कि रात करीब 11:30 बजे उनके निजी आवास पर तैनात ड्राइवर अनिल यादव और वहां रहने वाले विशाल ने इस वारदात को अपनी आंखों से देखा। इन दोनों प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने आरोपी पीए मोतीलाल राय को एक बड़ा बैग हाथ में लिए हुए बंगले की बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) लांघकर भागते हुए रंगे हाथों देखा था। पूर्व मंत्री ने इन दोनों कर्मचारियों को मामले का मुख्य चश्मदीद गवाह बनाया है।

शिकायत पत्र में तेज प्रताप यादव ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी पीए के खिलाफ अविलंब मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और उनके आवास से चोरी हुए पार्टी फंड के कैश समेत सभी मूल्यवान गैजेट्स और जेवरात को शीघ्र बरामद कराने का आग्रह किया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सचिवालय थाना पुलिस का कहना है कि पूर्व मंत्री की तरफ से लिखित आवेदन प्राप्त हो चुका है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस मौके पर मौजूद चश्मदीद गवाहों (ड्राइवर अनिल और विशाल) के आधिकारिक बयान दर्ज कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तथ्यों के आधार पर आगे की उचित वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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