महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज, MVA बैठक में शरद पवार सहित नहीं पहुंचे 23 विधायक
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिल रहा है। महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नहीं माना जा रहा है। बुधवार शाम को बुलाई गई एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक में 60 में से 23 विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया। इनमें कई बड़े नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने के बाद यह गैरमौजूदगी गठबंधन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
शरद पवार और जयंत पाटिल बैठक में नहीं हुए शामिल
इस अहम बैठक का उद्देश्य आगामी मॉनसून सत्र की रणनीति तय करना था, लेकिन इसमें कई प्रमुख नेता अनुपस्थित रहे। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल बैठक में नहीं पहुंचे। बताया गया कि दोनों निजी कारणों से शामिल नहीं हो सके।
कांग्रेस नेता नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार भी बैठक से अनुपस्थित रहे, जबकि वडेट्टीवार के कार्यालय ने उनके अस्वस्थ होने की जानकारी दी। हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत बैठक में मौजूद रहे।
उद्धव ठाकरे का भावुक सवाल
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी नाराजगी और दर्द जाहिर किया। उन्होंने हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पूछा, “क्या हम सच में एक साथ हैं” उन्होंने कहा कि जो लोग गठबंधन छोड़ चुके हैं, उन पर ध्यान देने के बजाय हमें उन नेताओं पर फोकस करना चाहिए जो अभी साथ हैं।
उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “जो चले गए, उन्हें जाने दें,” और एकजुटता पर सवाल उठाते हुए सदन में गठबंधन की भूमिका को लेकर चिंता जताई।
MVA के भविष्य पर सवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में बागी सांसदों के मुद्दे पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हुई। यह बैठक मुख्य रूप से मानसून सत्र की रणनीति पर केंद्रित थी। लेकिन लगातार हो रही बगावत और नेताओं की दूरी को गठबंधन की एकता की बड़ी कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि MVA गठबंधन पहले से ही कई टूट और बगावतों का सामना कर चुका है, और अब इसकी स्थिरता पर फिर से गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

