Ram Mandir Donation Scam: इन 8 लोगों पर FIR, जानिए किसपर है क्या आरोप?
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में दर्ज एफआईआर के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज केस में आठ सेवादार और कर्मचारियों को नामजद किया गया है। आरोप है कि ये सभी मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे और आभूषणों की हेराफेरी में किसी न किसी रूप में शामिल थे। मामले के सामने आने के बाद जिन लोगों की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, अब उन्हीं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित घोटाले का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था, कितनी रकम की हेराफेरी हुई और इसमें किस-किस की भूमिका रही।
Ram Mandir Donation Scam: इन 8 आरोपियों FIR
1. अविनाश शुक्ला
अविनाश शुक्ला मंदिर में सेवादार के रूप में कार्यरत बताए जा रहे हैं। उन पर दानपात्र में आने वाली नकदी की कथित चोरी और पूरे सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है।
2. करुणेश पांडेय
करुणेश पांडेय पर मंदिर के बैंक खातों और मैनुअल रसीदों के मिलान में कथित जालसाजी करने तथा नकदी को छिपाने में सहयोग देने के आरोप लगाए गए हैं।
3. मनीष यादव
मनीष यादव पर दानपात्र से नकदी और आभूषणों की कथित हेराफेरी में सहयोग करने का आरोप है। जांच के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौजूदगी की भी पड़ताल की जा रही है।
4. लवकुश मिश्र
लवकुश मिश्र पर चढ़ावे से कथित रूप से गबन की गई रकम को ठिकाने लगाने का आरोप है। पहले भी उनके घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की चर्चाएं सामने आ चुकी थीं।
5. रमाशंकर मिश्र
रमाशंकर मिश्र पर अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर चढ़ावे में गबन की साजिश रचने और कथित तौर पर रकम को ट्रस्ट की निगरानी से बचाने में भूमिका निभाने के आरोप हैं।
6. सुभाष श्रीवास्तव
सुभाष श्रीवास्तव मंदिर में काउंटिंग इंचार्ज के रूप में कार्यरत थे। उन पर चढ़ावे की गिनती और बैंक में राशि जमा करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं को बढ़ावा देने तथा कथित हेराफेरी को छिपाने के आरोप लगाए गए हैं।
7. अनुकल्प मिश्र
अनुकल्प मिश्र पर चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान हेराफेरी करने का आरोप है। जांच में उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति और महंगे वाहनों की खरीद की भी पड़ताल की जा रही है।
8. रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि दानपात्र की चाबियां अनधिकृत रूप से उनके पास रहती थीं और वह वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर पूरे सिस्टम पर नजर रखते थे।
अब जांच का फोकस पूरे नेटवर्क पर
FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां अब सभी आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, दानपात्र की काउंटिंग प्रक्रिया और कथित गबन के तरीके की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस कथित हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा चढ़ावे की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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