US Iran Conflict: अमेरिका ने फिर से ईरान पर दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- ‘मिटा देंगे अस्तित्व’
US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ईरान ने हाल ही में हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ईरान अपनी कार्रवाई नहीं रोकता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिकी सेना के मुताबिक शनिवार तड़के पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन हमला किया गया। जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था और उसमें 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था। वॉशिंगटन ने इस हमले के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि तेहरान ने अपने रुख का बचाव किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। बयान के अनुसार, एक दिन पहले भी अमेरिका ने जवाबी हमला किया था और ईरान को युद्धविराम का पालन करने का अवसर दिया गया था। लेकिन टैंकर पर नए ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेना ने दोबारा सैन्य कार्रवाई की।
मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और रडार स्टेशन बने निशाना
US Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम, सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन नेटवर्क और तटीय रडार स्टेशनों को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है। वहीं क़ेश्म द्वीप के आसपास भी हमलों की खबर सामने आई है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम के उल्लंघन का जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपनी आक्रामक गतिविधियां जारी रखीं तो अमेरिका और भी सख्त कदम उठाएगा।
दो सप्ताह पहले हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य टकराव माना जा रहा है। दोनों देश एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और क्षेत्रीय हालात फिर से अस्थिर होते दिखाई दे रहे हैं।
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