FIFA World Cup: 20 मैचों में 20 गोल… मेसी के सबसे बड़े वर्ल्ड कप रिकॉर्ड के करीब पहुंचे एम्बाप्पे

Sports News: फ्रांस के स्टार फुटबॉलर कीलियन एम्बाप्पे ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को के खिलाफ गोल करके इतिहास रच दिया है।

उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने फुटबॉल जगत में महान गोलस्कोरर की बहस को फिर से तेज कर दिया है।

एम्बाप्पे के नाम अब वर्ल्ड कप के सिर्फ 20 मुकाबलों में 20 गोल हो चुके हैं।

यानी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में एम्बाप्पे ने हर मैच में औसतन एक गोल करने का कारनामा किया है।

इस उपलब्धि की सबसे बड़ी बात यह है कि वह अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी के वर्ल्ड कप गोल रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

मेसी से सिर्फ एक गोल दूर एम्बाप्पे

लियोनेल मेसी ने अपने वर्ल्ड कप करियर में 31 मैच खेलते हुए 21 गोल किए हैं। वहीं एम्बाप्पे ने उनसे 11 मैच कम खेलकर 20 गोल कर लिए हैं।

यही वजह है कि अब चर्चा होने लगी है कि क्या एम्बाप्पे भविष्य में वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े गोलस्कोरर बन सकते हैं।

अगर वह इसी रफ्तार से गोल करते रहे तो मेसी का 21 गोल का रिकॉर्ड उनके लिए ज्यादा दूर नहीं रह जाएगा।

रोनाल्डो और क्लोजे जैसे दिग्गजों से भी आगे

वर्ल्ड कप इतिहास में कई महान स्ट्राइकरों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

ब्राजील के रोनाल्डो नजारियो ने 19 मैचों में 15 गोल किए थे, जबकि जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे ने 24 मुकाबलों में 16 गोल दागे थे।

Kylian Mbappé

फ्रांस के जस्ट फोंटेन और हंगरी के सांडोर कोचिस का गोल औसत भी शानदार रहा, लेकिन उनका प्रदर्शन सिर्फ एक वर्ल्ड कप तक सीमित रहा।

वहीं एम्बाप्पे ने 2018, 2022 और 2026 के तीन अलग-अलग वर्ल्ड कप में लगातार अपनी छाप छोड़ी है।

बड़े मुकाबलों में चमकते हैं एम्बाप्पे

किसी खिलाड़ी की महानता सिर्फ गोलों की संख्या से तय नहीं होती, बल्कि यह भी देखा जाता है कि उसने गोल किस मंच और किस दबाव वाले मुकाबले में किए हैं।

एम्बाप्पे ने 2018 वर्ल्ड कप फाइनल में गोल किया था। 2022 के फाइनल में उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाफ शानदार हैट्रिक लगाई थी।

अब 2026 वर्ल्ड कप में भी वह फ्रांस की सबसे बड़ी उम्मीद बने हुए हैं।

सिर्फ 27 साल की उम्र में एम्बाप्पे ने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसके लिए कई महान खिलाड़ियों को पूरा करियर लग गया।

उनके पास अभी भविष्य में कम से कम एक और वर्ल्ड कप खेलने का मौका है।

क्लब फुटबॉल में भी एम्बाप्पे का दबदबा

एम्बाप्पे का जलवा सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक सीमित नहीं है। उन्होंने चैम्पियंस लीग में भी शानदार प्रदर्शन किया है।

उनकी रफ्तार, ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता उन्हें दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

वह सिर्फ एक फिनिशर नहीं हैं, बल्कि विंग से हमला करने, काउंटर अटैक में तेजी दिखाने और खुद गोल के मौके बनाने की क्षमता रखते हैं।

हालैंड भी हैं बड़ी चुनौती

एम्बाप्पे की महानता की चर्चा के बीच नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड भी इस दौड़ में शामिल हैं।

हालैंड ने चैम्पियंस लीग में बेहद शानदार गोल रिकॉर्ड बनाया है और अपने पहले वर्ल्ड कप में भी उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया है।

हालैंड एक पारंपरिक नंबर-9 स्ट्राइकर हैं, जिनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी शानदार फिनिशिंग है।

वहीं, एम्बाप्पे ज्यादा बहुमुखी खिलाड़ी हैं, जो विंग से लेकर सेंटर तक हर जगह प्रभाव डाल सकते हैं।

क्या एम्बाप्पे बनेंगे फुटबॉल इतिहास के महानतम गोलस्कोरर?

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक फुटबॉल में बेहतर फिटनेस, तकनीक और रणनीति की वजह से स्ट्राइकरों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं।

लेकिन इसके बावजूद एम्बाप्पे जैसे आंकड़े बनाना आसान नहीं है।

यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि एम्बाप्पे ने मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, पेले या रोनाल्डो नजारियो जैसे महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है।

इन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक फुटबॉल पर अपना दबदबा कायम रखा है।

लेकिन इतना जरूर है कि वर्ल्ड कप इतिहास में एम्बाप्पे ने जिस रफ्तार से रिकॉर्ड बनाए हैं, वह असाधारण है।

20 वर्ल्ड कप मैचों में 20 गोल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि एम्बाप्पे अब फुटबॉल इतिहास के सबसे महान गोलस्कोरर बनने की दौड़ में सबसे आगे खड़े नजर आ रहे हैं।

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