तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते से 164 करोड़ का फर्जी लेन-देन, ईडी और सीबीआई की रडार पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वित्तीय लेन-देन को लेकर अपनी जांच तेज कर दी है। केंद्रीय एजेंसियां टीएमसी के फ्रीज (लेन-देन पर रोक) किए गए तीन मुख्य बैंक खातों में से एक से हुए 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध और फर्जी लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। ईडी ने संबंधित प्राइवेट सेक्टर कमर्शियल बैंक के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इस भारी-भरकम राशि के ट्रांजेक्शन का पूरा ब्योरा मांगा है।
वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के कुल 15 बैंक खातों से पैसे निकालने (डेबिट) पर पूरी तरह पाबंदी लगी हुई है। इनमें से 3 प्रमुख खातों पर ईडी और राज्य पुलिस दोनों के निर्देशों के बाद रोक लगाई गई थी, जबकि बाकी 12 खातों पर केवल पश्चिम बंगाल पुलिस के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
1,000 करोड़ का फंड सीज, जांच में जुटी सीबीआई और ईडी
जांच के दायरे में आए इन खातों में मोटी रकम जमा है। जिन 3 खातों को ईडी और राज्य पुलिस के संयुक्त निर्देश पर फ्रीज किया गया है, उनमें कुल 440 करोड़ रुपये जमा हैं। वहीं, यदि सभी 15 खातों की बात करें तो इनमें कुल जमा राशि लगभग 1,000 करोड़ रुपये के आसपास है।
ईडी की सिफारिश पर जब इन खातों की शुरुआती जांच की गई, तो सीबीआई अधिकारियों को एक विशिष्ट खाते में 164 करोड़ रुपये के संदिग्ध और बोगस ट्रांजेक्शन का सुराग मिला। केंद्रीय एजेंसियां अब इस लेन-देन के अंतिम छोर (एंड-यूज़र) का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
अपनों की ही चिट्ठी और बगावत से खुला राज
टीएमसी के खातों पर इस कड़े एक्शन की शुरुआत पिछले महीने राज्य पुलिस के निर्देशों के बाद हुई थी, जिसके पीछे दो बड़ी घटनाएं थीं। पहली घटना के तहत पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल व बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने खुद बैंक अधिकारियों को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने पार्टी फंड के गलत इस्तेमाल और हेराफेरी की आशंका जताते हुए इन तीन मुख्य बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करने की मांग की थी।
इसके ठीक बाद, तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों के गुट ने भी पश्चिम बंगाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बागी विधायकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन खातों में जमा की गई बड़ी राशि भ्रष्टाचार, उगाही और जबरन वसूली के जरिए जुटाई गई हो सकती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पहले राज्य पुलिस और फिर ईडी ने खातों से निकासी पर रोक लगा दी। इसके बाद इसी महीने की शुरुआत में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए टीएमसी के 12 अन्य बैंक खातों पर भी डेबिट ब्लॉक लगा दिया गया।
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