अब बॉडी कैम के साथ ड्यूटी करेंगे TTE, ट्रेन में विवाद और शिकायतों पर लगेगी लगाम
Indian Railways: ट्रेन में सीट और बर्थ को लेकर यात्रियों व टीटीई (TTE) के बीच होने वाले विवादों और अनाधिकृत लेन-देन के आरोपों को कम करने के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अब टिकट जांच के दौरान टीटीई बॉडी कैम पहनकर ड्यूटी करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और विवाद की स्थिति में रिकॉर्डेड फुटेज के आधार पर सही तथ्य सामने लाना है।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद कई मंडलों में होगा विस्तार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के रायपुर डिवीजन में मई-जून से इस व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो चुकी है। अब इसे पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के तीनों मंडलों और उत्तरी रेलवे (NR) के टीटीई तक भी जल्द बढ़ाया जाएगा। अक्सर यात्रियों की ओर से टिकट चेकिंग स्टाफ पर जबरन वसूली या गलत लेन-देन के आरोप लगाए जाते हैं।
वहीं कई मामलों में सबूत के अभाव में न तो कर्मचारियों की बेगुनाही साबित हो पाती है और न ही यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई हो पाती है। बॉडी कैम की रिकॉर्डिंग से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आसान होगी।
दूसरे चरण में बुकिंग क्लर्क भी पहनेंगे बॉडी कैम
इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ एसोसिएशन के संरक्षक टी.एन. पाण्डेय और महामंत्री पवन राय ने बताया कि संगठन लंबे समय से रेलवे बोर्ड से सभी टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी कैम उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था। दूसरे चरण में टिकट बुकिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को भी बॉडी कैम दिए जाएंगे।
इससे टिकट कम देने, अतिरिक्त पैसे लेने या लेन-देन से जुड़े विवादों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहेगी। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और कर्मचारियों को भी झूठे आरोपों से राहत मिलेगी।
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