Sikkim में टनल ढहने से 7 लोगों की मौत, 19 मजदूर अभी भी फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग (टनल) के बाहर हुए भूस्खलन के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों में से 7 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने कर दी है। वहीं, 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव और कम दृश्यता राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
हादसे के बाद नामची जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। पश्चिम बंगाल से भी गैस सुरक्षा उपकरणों से लैस विशेष बचाव दल बुलाया गया है।
दोपहर में हुआ हादसा, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू
जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 3:40 बजे सुरंग के बाहर भूस्खलन (Sikkim Tunnel Collapse) की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। राहत दल गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ सुरंग के भीतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, संकरी सुरंग, गैस रिसाव और बेहद कम दृश्यता के कारण अभियान काफी मुश्किल हो गया है।
मीथेन गैस बनी सबसे बड़ी चुनौती
जिलाधिकारी ने बताया कि सुरंग के अंदर मीथेन गैस का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि भूस्खलन के बाद भूमिगत चट्टानों और परतों से गैस का रिसाव बढ़ गया, जिससे सुरंग के अंदर हालात और गंभीर हो गए।
गैस के प्रभाव के कारण कई बचावकर्मियों को चक्कर आने और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों की निगरानी में गैस के स्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि बचाव दल सुरक्षित तरीके से अंदर पहुंच सके।
प्रशासन ने जारी रखा राहत अभियान
जिला प्रशासन ने बताया कि मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
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