जंतर-मंतर पर फिर बवाल! पथराव, लाठी-डंडे और आंसू गैस के बीच तनाव चरम पर, इंटरनेट बंद
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार देर रात एक बार फिर हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान टॉलस्टॉय मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर के पास सुरक्षा बल रोज की तरह तैनात थे। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने अचानक पुलिस और RAF पर बड़े-बड़े पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में डंडे भी बताए गए, जिनका इस्तेमाल पुलिस पर हमला करने के लिए किया गया।
स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला। इसके साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो से चार आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सुबह 6 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद
हिंसा के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर और आसपास के करीब 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवा शाम 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक बंद करने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देश पर टेलीकॉम कंपनियों को इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से रोकने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने इलाके में मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल वाहन भी तैनात कर दिया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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प्रदर्शन जारी रखने पर अड़ी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। इसी कारण प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है।
इंटरनेट सेवा बंद किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि इलाके में इंटरनेट बंद किया गया है, अतिरिक्त पैरामिलिट्री बल तैनात किए गए हैं और ऐसी खबरें हैं कि रात में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग से हालात और बिगड़ेंगे। उन्होंने कहा कि युवा अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और दबाव डालने से आंदोलन कमजोर नहीं होगा।
उधर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल बेकार नहीं जाने दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

