फायरिंग का आदेश DM देता है, मंत्री नहीं, राहुल गांधी के आरोपों पर जितेंद्र सिंह का पलटवार
Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के बीच सियासी टकराव तेज हो गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित गोली चलाने के आदेश को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सफाई मांगी। उनके बयान के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को प्रशासनिक व्यवस्था और संसदीय मर्यादाओं की समझ होनी चाहिए।
गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है
लोकसभा में बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इतने अहम विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष सुझाव देने के बजाय राजनीति कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान से लगता है कि उन्हें संसदीय परंपराओं की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के लिए “इडियट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है।
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि घटनास्थल पर गोलीबारी नहीं हुई थी, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि जब गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता। साथ ही उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में बल प्रयोग या गोली चलाने का आदेश किसी मंत्री नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आता है।
राहुल गांधी ने दोहराया अपना सवाल
लोकसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से कहा कि केवल दो ही स्थितियां हो सकती हैं। या तो गृह मंत्री ने आदेश दिया, या फिर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार पहली स्थिति में गृह मंत्री जिम्मेदार होंगे और दूसरी स्थिति में उन्हें अक्षम माना जाएगा।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि अमित शाह ने कोई आदेश नहीं दिया तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सफाई देनी चाहिए। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी राहुल गांधी के बयान का विरोध कर चुके हैं और उनसे माफी की मांग कर चुके हैं।
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