लखनऊ में बिजली संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन, बोले- मांगें नहीं मानीं तो पूरे यूपी में होगा महाआंदोलन
Lucknow News: लखनऊ के इको गार्डन में बुधवार को बिजली विभाग के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याएं लेकर लखनऊ पहुंचे, लेकिन ऊर्जा मंत्री उनसे मिलने नहीं आए। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने भी उन्हें गुमराह किया।
वेतन, सुरक्षा उपकरण और स्थायी समाधान की मांग
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र पांडे ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने मांग की कि सभी संविदा कर्मचारियों को कम से कम 18,000 प्रतिमाह वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि पूर्व सैनिकों को 28,000 प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि अधिकांश संविदा कर्मचारियों को केवल 10,000 से 12,000 वेतन दिया जा रहा है, जबकि वे 440 वोल्ट और 11,000 वोल्ट की बिजली लाइनों पर जोखिम उठाकर काम करते हैं।
सुरेंद्र पांडे के अनुसार, पिछले 30 दिनों में प्रदेश में 56 हादसे हुए, जिनमें 30 संविदा कर्मचारियों की मौत हो गई और 26 गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा उपकरणों के लिए बजट जारी होने के बावजूद कर्मचारियों को केवल हेलमेट देकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
75 जिलों से आंदोलन तेज करने और शटडाउन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि फिलहाल 75 जिलों से सीमित संख्या में कर्मचारी लखनऊ पहुंचे हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सभी जिलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी राजधानी पहुंचेंगे। जरूरत पड़ने पर बिजली शटडाउन का भी सहारा लिया जा सकता है।
संगठन के अध्यक्ष नकुल चौधरी ने कहा कि विभाग में काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि संविदा कर्मचारियों की संख्या घट रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 से अब तक करीब 30 हजार संविदा कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों की बहाली, उचित मुआवजा और सुरक्षित कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
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