राम मंदिर में एक और घोटाले का खुलासा! 800 करोड़ का प्रोजेक्ट 2200 करोड़ तक कैसे पहुंचा? पूर्व लेखा प्रभारी ने SIT को सौंपे सबूत
Ram Mandir Construction Row: राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra Trust) के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह (Mahipal Singh) ने निर्माण लागत, चंदा प्रबंधन और खरीद प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विशेष जांच दल (SIT) को दस्तावेज और साक्ष्य सौंप दिए हैं।
महिपाल सिंह का दावा है कि जिन आरोपों की उन्होंने पहले शिकायत की थी, उन पर एसआईटी ने उनसे लिखित साक्ष्य मांगे थे। अब उन्होंने विस्तृत जवाब के साथ करीब 20 बिंदुओं में कथित अनियमितताओं का ब्यौरा सौंपा है। शिकायत में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) समेत कई लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
800 करोड़ से 2200 करोड़ तक पहुंची निर्माण लागत पर सवाल
महिपाल सिंह ने अपनी शिकायत में सबसे बड़ा सवाल राम मंदिर निर्माण की लागत को लेकर उठाया है। उनका कहना है कि शुरुआत में परियोजना की अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन बाद में यह बढ़कर लगभग 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
उन्होंने सवाल किया कि जब मंदिर का डिजाइन और निर्माण योजना पहले से तय थी, तो लागत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी किन कारणों से हुई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थायी कार्य कराए गए, जिन्हें तत्काल आवश्यकता न होने के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया। उन्होंने इन खर्चों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
चंदा प्रबंधन और खरीद प्रक्रिया पर भी आरोप
पूर्व लेखा प्रभारी ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में चढ़ावे और नकदी प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुईं। उनके अनुसार बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से नकदी की गड्डियों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक बाहर भेजी जाती थी। उनका दावा है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि Ram Mandir परिसर के आसपास कुछ विवादित संपत्तियों की खरीद से ट्रस्ट को आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा 150 किलोग्राम चांदी के झूले के स्थान पर केवल 85 किलोग्राम चांदी इस्तेमाल किए जाने, बिना रसीद चढ़ावा लेने और ट्रस्ट के धन से अन्य कार्यक्रमों का खर्च उठाए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
SIT जांच में क्या होगा अगला कदम?
महिपाल सिंह ने SIT से सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) भी जमीन खरीद में कथित गड़बड़ियों को लेकर एसआईटी को दस्तावेज सौंप चुके हैं।
पूर्व लेखा प्रभारी का दावा है कि कुछ CCTV फुटेज भी बाद में रिकवर किए गए, जिनसे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ घटनाएं पुरानी होने के कारण हर आरोप के प्रत्यक्ष साक्ष्य उनके पास उपलब्ध नहीं हैं।
अब इस पूरे मामले में एसआईटी की जांच और आगे की Ram Mandir कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Also Read: उद्घाटन के एक महीने में फिर खराब हुई लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क, NHAI ने 3 इंजीनियर हटाए

