बुर्का पहनकर कांवड़ लाने वाली तमन्ना फिर चर्चा में, SDM कोर्ट ने थमाया नोटिस, फिर भी नहीं रुकी यात्रा

Kanwar Yatra Controversy: संभल की तमन्ना मलिक (Tamanna Malik) एक बार फिर चर्चा में हैं। बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा पर जाने की तैयारी कर रही तमन्ना और उनके पति अमन त्यागी (Aman Tyagi) को एसडीएम कोर्ट (SDM Court) ने नोटिस जारी किया है।

दोनों को बीएनएस (BNS) की धारा 126/135 के तहत 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई संभावित शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है, न कि किसी की वेशभूषा पर रोक लगाने के लिए।

क्यों जारी हुआ नोटिस?

पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर संभल के एसडीएम विकास चंद्र ने यह कार्रवाई की। रिपोर्ट में कहा गया कि महाशिवरात्रि के दौरान तमन्ना के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसी वजह से इस बार भी किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए दोनों को पहले ही नोटिस देकर पाबंद किया गया है।

हालांकि एसडीएम ने साफ किया कि बुर्का पहनकर कांवड़ (Kanwar Yatra) लाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

कौन हैं तमन्ना मलिक?

Kanwar Yatra Tamanna

तमन्ना मलिक मुस्लिम हैं और करीब चार साल पहले उन्होंने हिंदू युवक अमन त्यागी से विवाह किया था। शादी के समय उन्होंने मन्नत मांगी थी कि विवाह सफल होने पर वह पति के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी। दंपति के दो बेटे आर्यन और दक्ष हैं। कुछ समय तक गांव छोड़ने के बाद दोनों पिछले साल संभल लौटे थे।

नोटिस मिलने के बाद अमन त्यागी ने कोर्ट पहुंचकर जमानत करा ली। उन्होंने कहा कि उनकी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) नहीं रुकेगी और तमन्ना हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद तक जाएंगी। उनका कहना है कि संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद की वेशभूषा पहनने का अधिकार देता है, इसलिए तमन्ना चाहे बुर्का पहनें या भगवा वस्त्र, यह उनका व्यक्तिगत अधिकार है।

प्रशासन ने भी दोहराया है कि कार्रवाई केवल एहतियातन की गई है और किसी के धार्मिक अधिकार या पहनावे पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

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