मकान के बदले सरकारी कर्मचारी को सौंपा गया बच्चा, लखनऊ में नवजात की खरीद-फरोख्त के आरोप से हड़कंप
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवजात बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मजदूर महिला ने मकान बनवाने के बदले अपना नवजात बच्चा एक सरकारी विभाग के कर्मचारी और उसकी पत्नी को सौंप दिया। मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बच्चे को दंपति के नाम पर देने का भी आरोप लगाया गया है।
सूचना मिलने पर सोमवार देर रात गुडंबा पुलिस, चाइल्ड लाइन और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने कुर्सी रोड स्थित सेंट मैरी पॉलीक्लीनिक अस्पताल में छापेमारी की। टीम ने हाल ही में जन्मे बच्चों से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू की।
अस्पताल पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस शांति विहार निवासी आरती देवी के घर पहुंची। पूछताछ में आरती देवी ने बताया कि उसने अपना नवजात बच्चा एक सरकारी कर्मचारी और उसकी पत्नी को दे दिया। महिला के अनुसार, कर्मचारी की कोई संतान नहीं थी और दोनों के बीच मकान बनवाने के बदले बच्चा सौंपने की बात तय हुई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल की डॉक्टर शालू, डॉक्टर विनोद और अन्य कर्मचारियों ने कथित तौर पर कर्मचारी और उसकी पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, जिसके बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
डॉक्टरों और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी
पुलिस आरती देवी, सरकारी कर्मचारी के परिजनों और अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों को गुडंबा थाने ले गई। देर रात तक सभी से पूछताछ की गई।
गुडंबा थाना प्रभारी अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि अस्पताल की ओर से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने की बात प्रारंभिक जांच में सामने आई है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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