शेख हसीना के भाषण के बाद बांग्लादेश में हंगामा, सरकार भड़की, क्रिकेटर शाकिब के घर पर हमला

Bangladesh News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के सत्ता से हटने के दो साल बाद दिया गया उनका पहला सार्वजनिक संबोधन पड़ोसी देश में नए सियासी विवाद की वजह बन गया है। नई दिल्ली से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया और मौजूदा सरकार पर तीखे आरोप लगाए।

उनके बयान के कुछ ही घंटों बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, सरकार ने आधिकारिक नाराजगी जताई और पूर्व क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) के घर पर भी हमला कर दिया गया।

शेख हसीना ने दावा किया कि वह मजबूरी में देश छोड़ने पर विवश हुई थीं, लेकिन अब किसी भी कीमत पर वापस लौटेंगी। वहीं, ढाका ने उनके संबोधन को भारत की धरती से दिया गया ऐसा कार्यक्रम बताया, जिसने दोनों देशों के रिश्तों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिसंबर में लौटने का ऐलान, बोलीं- डरकर नहीं बैठूंगी

नई दिल्ली स्थित The Foreign Correspondents Club of South Asia में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना करीब 25 मिनट तक वर्चुअली जुड़ीं। सुरक्षा कारणों से उनका कैमरा बंद रखा गया और केवल ऑडियो के जरिए उन्होंने अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश में भय और असुरक्षा का माहौल बना है। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ दर्ज सैकड़ों मुकदमे और मौत की सजा की धमकियां उन्हें अपने देश लौटने से नहीं रोक सकतीं। उन्होंने कहा कि दिसंबर में वह बांग्लादेश लौटेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान की कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े।

हसीना ने यह भी कहा कि 2024 के छात्र आंदोलन (Gen-Z Movement) के दौरान हालात इतने बिगड़ गए थे कि उनके पास देश छोड़ने के लिए केवल 30 से 40 मिनट का समय था। उनके मुताबिक, वह स्वेच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी में बांग्लादेश से बाहर गई थीं।

मौजूदा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि आज का बांग्लादेश वैसा नहीं रह गया, जिसके लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं, मानवाधिकारों की स्थिति बिगड़ी है और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 663 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 453 हत्या के मामले हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इन मामलों से डरने वाली नहीं हैं और जनता के बीच वापस जाकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

ढाका ने जताई कड़ी आपत्ति

शेख हसीना के संबोधन के तुरंत बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि भारत में उन्हें सार्वजनिक मंच से मीडिया को संबोधित करने की अनुमति देना दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों के लिए नुकसानदायक है।

बांग्लादेश ने यह भी कहा कि वह लंबे समय से प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) के तहत शेख हसीना को वापस भेजने की मांग कर रहा है, लेकिन इस दिशा में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। बयान में उनके संबोधन को “इतिहास की धारा को पलटने की असफल कोशिश” बताया गया।

शाकिब अल हसन के घर पर हमला, कई जगह प्रदर्शन

शेख हसीना के भाषण के बाद बांग्लादेश में हंगामा, सरकार भड़की, क्रिकेटर शाकिब के घर पर हमला

हसीना के बयान का असर केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा। बुधवार शाम को बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मागुरा स्थित घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके जाने की भी खबर सामने आई।

इसके अलावा ढाका समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना विरोधी पोस्टर लहराए, उनके पुतले फूंके और दीवारों पर विरोधी नारे लिखे। इससे देश का सियासी माहौल और ज्यादा गर्मा गया है।

शेख हसीना के दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के ऐलान ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ उनके खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित गिरफ्तारी की चर्चा तेज है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक और विरोधी आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में बांग्लादेश की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों पर इस घटनाक्रम का असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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