मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर चंद्रशेखर का पलटवार, जातीय जनगणना कराए सरकार
Chandrashekhar Azad: आरक्षण को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। भागवत ने कहा था कि समाज में जब तक भेदभाव और असमानता मौजूद है, तब तक आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इसका पर्याप्त लाभ मिल चुका है, वे उदारता दिखाते हुए आरक्षण छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।
इस बयान पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना कराने और इसके आर्थिक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंकड़े सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि किस वर्ग को कितना लाभ मिला और कौन-से समुदाय अब भी पिछड़े हुए हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री को आज हैंडलूम दिवस याद है, लेकिन मंडल दिवस याद नहीं है। उन्होंने मंडल आयोग की बची 38 सिफारिशों को लागू करने की मांग भी की।
मंडल जन चेतना आंदोलन शुरू
आजाद समाज पार्टी ने मंडल दिवस पर ‘मंडल जन चेतना आंदोलन’ शुरू किया है। पार्टी के मुताबिक यह अभियान सामाजिक न्याय, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर के लिए प्रदेशभर में चलाया जाएगा।
वहीं, मोहन भागवत ने आरक्षण को सामाजिक भेदभाव दूर करने का माध्यम बताया था। उन्होंने कहा कि जब तक भेदभाव रहेगा, आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी। इस बयान के बाद आरक्षण, जातीय जनगणना और सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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