CoE Head VVS Laxman: ‘CoE सिर्फ रिहैब सेंटर नहीं’, चोटों पर सवाल उठे तो लक्ष्मण ने दिया जवाब
Sports News: भारतीय खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती चोटों के बीच BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
इस पर CoE प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने सफाई देते हुए कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को सिर्फ रिहैब सेंटर समझना सही नहीं है।
बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लक्ष्मण ने कहा कि चोटें खिलाड़ियों के करियर का हिस्सा हैं और इसलिए उनकी फिटनेस की लगातार निगरानी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि चोटों के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना या ‘बलि का बकरा’ तलाशना सही तरीका नहीं है।
CoE में स्टाफ की कमी का जिक्र
लक्ष्मण ने बताया कि पूर्व स्पोर्ट्स साइंस प्रमुख नितिन पटेल के जाने के बाद उनकी जगह अभी तक स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। वहीं, एंड्रयू लेपस भी निजी कारणों से पद छोड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी। लक्ष्मण के मुताबिक, खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नजर रखने के लिए CoE में पर्याप्त विशेषज्ञों की जरूरत है।

बुमराह-सुदर्शन की चोट के बाद बढ़ी चर्चा
CoE और राष्ट्रीय चयन समिति के बीच कम्युनिकेशन को लेकर भी सवाल उठे हैं।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के चोट के कारण बाहर होने के बाद यह मुद्दा ज्यादा चर्चा में आया।
इन खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चयनकर्ताओं को पहले उपलब्धता की उम्मीद थी, लेकिन बाद में उनकी रिकवरी में अधिक समय लगने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद CoE अधिकारियों और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के बीच वर्चुअल बैठक भी हुई।
नितिन पटेल के जाने के बाद पद खाली
नितिन पटेल भारतीय टीम के पूर्व मुख्य फिजियोथेरेपिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने 2007-11 और फिर 2019 के बाद भारतीय क्रिकेट की फिटनेस व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई थी।
बाद में वह BCCI की स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल टीम से जुड़े।
उनके जाने के बाद से CoE में स्पोर्ट्स साइंस नेतृत्व को लेकर खालीपन बना हुआ है।
लक्ष्मण के बयान के बाद अब खिलाड़ियों की फिटनेस और CoE की व्यवस्था को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
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