‘सपा सत्ता में आई तो संभल के मुकदमे वापस होंगे’, 2027 से पहले शिवपाल का बड़ा ऐलान
UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर संभल में हुए दंगों से जुड़े मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। शिवपाल बुधवार को मुरादाबाद के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
शिवपाल ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और सांप्रदायिक मुद्दों की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से परेशान है और आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है।
बसपा से गठबंधन नहीं, कांग्रेस के साथ समझौता
गठबंधन को लेकर शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने साफ किया कि सपा का बसपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा का समझौता कांग्रेस के साथ है। बसपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने पार्टी के घटते जनाधार का दावा किया और उसे ‘डूबता हुआ जहाज’ बताया।
कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सपा कभी कांवड़ यात्रा के खिलाफ नहीं रही। उन्होंने कहा कि सपा सरकारों के दौरान यात्रा में कोई व्यवधान नहीं डाला गया। शिवपाल ने यह भी कहा कि सपा श्रीराम मंदिर की विरोधी नहीं है और मंदिर का निर्माण न्यायालय के निर्देश पर हुआ है।
आजम खान के साथ खड़े होने का दावा
Shivpal Yadav ने वरिष्ठ सपा नेता मोहम्मद आजम खान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान के खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए गए और जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की कोशिश भी इसी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि वह बृहस्पतिवार को रामपुर जाकर आजम खान से मुलाकात करेंगे।
पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी पर शिवपाल ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मतभेद छोड़कर संगठन मजबूत करने की अपील की। उन्होंने सभी से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा।
Shivpal Yadav के स्वागत में धक्का-मुक्की
शिवपाल यादव के सर्किट हाउस पहुंचने पर कार्यकर्ताओं में उनसे मिलने की होड़ लग गई। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और एक गेट का शीशा टूट गया। कुछ देर अफरातफरी की स्थिति रही, जिसे बाद में पार्टी नेताओं ने संभाला।
मुरादाबाद में सपा नेताओं के बीच चल रही खींचतान के बीच Shivpal Yadav का एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संदेश भी अहम माना जा रहा है। पूर्व सांसद एसटी हसन, सांसद रुचिवीरा और कांठ विधायक कमाल अख्तर के बीच मतभेद का मामला पहले पार्टी नेतृत्व तक पहुंच चुका है।
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