लखनऊ समिट बिल्डिंग ठगी मामले में HC की सख्ती, रिश्वत लेकर आरोपी छोड़ने के आरोप में 3 सस्पेंड, 6 लाइन हाजिर
Lucknow News: लखनऊ के समिट बिल्डिंग (Summit Building) में अमेरिकी नागरिकों से ठगी प्रकरण में आरोपियों को रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोपों पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
इसके अलावा मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि समिट बिल्डिंग से अमेरिकी नागरिकों से ठगी के आरोप में पुलिस ने कुल 119 आरोपियों को पकड़ा था। इनमें से गिरफ्तार एक आरोपी ने बाद में हाईकोर्ट में शिकायत दाखिल की। शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई से जुड़े कुछ साक्ष्य भी कोर्ट के सामने पेश किए।
शिकायत के बाद सामने आए साक्ष्यों और सीसी फुटेज की जांच में तीन आरोपियों को पुलिसकर्मियों द्वारा समिट बिल्डिंग से बाहर ले जाते हुए देखा गया। आरोप है कि इन आरोपियों को कथित तौर पर रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया था। मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाया।
इसके बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सम्बंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि कार्रवाई के घेरे में आए सभी नौ पुलिसकर्मी साइबर सेल या क्राइम ब्रांच में तैनात थे।
फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिस भी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
3 पुलिसकर्मी निलंबित, 6 लाइन हाजिर
इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों वसीम खान, श्रीकांत और जितेंद्र को निलंबित किया गया है। वहीं, छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में SI अरविंद, SI आदिल, आशीष, जय प्रकाश, संतोष और अविनाश शामिल हैं। समिट बिल्डिंग से बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में थी। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई मामले में अहम कदम मानी जा रही है।
क्या था यह मामला?

Lucknow के विभूतिखण्ड (Vibhutikhand) स्थित समिट बिल्डिंग (Summit Building) के 11वीं मंजिल पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा गया। सोलारिस सॉल्यूशन के नाम से कॉल सेंटर का संचालन हो रहा था। यहां बैठकर डॉलर एप के जरिए विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। पुलिस ने करीब 12 घंटे तक कॉल सेंटर में सर्च अभियान चलाया। इसके बाद दो ऑपरेशन मैनेजर समेत 119 युवक- युवतियों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस को बसें बुलानी पड़ीं।
मामले में ADCP क्राइम किरण यादव ने बताया कि पकड़े गए कुछ लोगों को पुलिसकर्मियों ने पैसे लेकर छोड़ दिया। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच कराई। जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद नौ पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

