लखनऊ के SGPGI की रिसर्च को बड़ी मंजूरी, ICMR ने 8 परियोजनाओं के लिए दिए 20 करोड़

Lucknow SGPGI: लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) ने मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की ओर से शीर्ष 10 NIRF रैंक वाले चिकित्सा संस्थानों के लिए जारी सीमित प्रस्ताव प्रक्रिया में SGPGI के पांच शोध प्रोजेक्टों को करीब 11.2 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इसके अलावा तीन अन्य प्रोजेक्टों के लिए 8.46 करोड़ रुपये की ICMR निधि मिली है। इस तरह अगस्त 2026 तक संस्थान को इस साल ICMR से करीब 20 करोड़ रुपये की शोध राशि मिल चुकी है।

संस्थान के निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने इसे मजबूत रिसर्च सिस्टम और नई स्वास्थ्य चुनौतियों पर काम करने की क्षमता का प्रमाण बताया। डीन प्रो. शालीन कुमार ने कहा कि आठ प्रस्तावों का चयन संस्थान के वैज्ञानिकों की क्षमता और शोध माहौल की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

81 प्रस्तावों में से चुने गए 8 

फैकल्टी इंचार्ज रिसर्च प्रो. विनिता अग्रवाल के अनुसार, NIRF कॉल में संस्थान को कुल 81 प्रस्ताव मिले थे। रिसर्च कमेटी ने इनमें से 22 प्रस्ताव ICMR को भेजे, जिनमें आठ को फंडिंग मिली।

चयनित प्रोजेक्टों में MASLD, ग्लियोब्लास्टोमा, गर्भावस्था से जुड़ा एनीमिया, रीनल ट्रांसप्लांट, कैंसर इम्यूनोथेरेपी, वायरल हेपेटाइटिस, IgA नेफ्रोपैथी और नवजात रोग शामिल हैं।

किन वैज्ञानिकों को मिली मंजूरी

इन परियोजनाओं का नेतृत्व डॉ. रोहित सिन्हा, डॉ. लोकेन्द्र शर्मा, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. अतुल गर्ग, डॉ. कुलवंत सिंह, डॉ. अमित गोयल, डॉ. अतुल और डॉ. कीर्ति नारंजे कर रहे हैं। संस्थान के मुताबिक इन शोधों से ऑर्गेनॉइड तकनीक, नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग, कैंसर बायोलॉजी और नई उपचार तकनीकों में शोध क्षमता बढ़ेगी।

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