पाकिस्तान के खिलाफ PoK के प्रदर्शनकारियों का ऐलान, नहीं देंगे टैक्स और बिजली-पानी-गैस के बिल
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) में सरकार और सेना के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत लोगों से बिजली, पानी और गैस के बिल नहीं भरने के साथ-साथ इनकम टैक्स जमा नहीं करने की अपील की गई है।
आंदोलन के 66वें दिन अवामी एक्शन कमेटी (Awami Action Committee) की ओर से यह ऐलान किया गया। कमेटी के सदस्य इम्तियाज असलम ने लोगों और कारोबारियों से अपील की कि वे तत्काल प्रभाव से टैक्स और सरकारी उपयोगिता बिलों का भुगतान रोक दें। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र के लोगों के साथ कथित भेदभाव और दमन के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।
‘अब न बिल भरेंगे, न इनकम टैक्स देंगे’
अवामी एक्शन कमेटी ने कहा कि जब तक उनकी मांगों और क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक लोग सरकार को राजस्व देने से दूर रहेंगे। कारोबारियों से भी इनकम टैक्स का भुगतान रोकने की अपील की गई है।
प्रदर्शनकारियों (PoK Protesters) ने संयुक्त राष्ट्र से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका दावा है कि PoK एक विवादित क्षेत्र है और 1948 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के तहत यहां जनमत संग्रह का प्रावधान था, जिसे पाकिस्तान ने अब तक लागू नहीं किया।
कमेटी ने पाकिस्तान पर यह आरोप भी लगाया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई के अलावा क्षेत्र में जरूरी खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहा है।
रावलाकोट में महिलाओं ने भी खोला मोर्चा
आंदोलन का असर PoK के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। गुरुवार को मंढोल में महिलाओं ने भी पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं आंदोलन के प्रमुख केंद्र रावलाकोट में बड़ी संख्या में लोग जुटे।
27 जुलाई से प्रदर्शनकारी रावलाकोट के चिनार चौक और डी चौक पर धरने पर बैठे हैं। जगह कम पड़ने के कारण ईदगाह मैदान में भी बड़ी सभा आयोजित की गई। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस आंदोलन में करीब 90 हजार लोग शामिल हुए।
सभा में पाकिस्तान समर्थक माने जाने वाले आयोजक सरदार उमर नजीर ने भी पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वैसा ही व्यवहार PoK में भी किया जा रहा है।
अस्पतालों और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान PoK में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी पाकिस्तान को घेरा गया। उमर नजीर ने दावा किया कि करीब 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पर्याप्त और बेहतर अस्पतालों की कमी है।
उन्होंने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की गई हैं, जबकि PoK में लोगों को इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे पाकिस्तान की प्रशासनिक नाकामी बताते हुए बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और आर्थिक अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

