Bareilly News: फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद स्थित थाना भोजीपुरा पुलिस ने फर्जी तरीके से आधार और राशन कार्ड में हेरफेर कर कूटरचित आयुष्मान कार्ड बनाने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है।

AIIMS ऋषिकेश में इलाज न मिलने पर खुली पोल

घटनाक्रम के अनुसार, देवरनियां जागीर (थाना नवाबगंज) निवासी हरप्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे 47,000 रुपये ऐंठ लिए और उनकी व उनकी पुत्री के आधार कार्ड में कूटचित बदलाव करके फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर दे दिया। जब पीड़ित अपनी बेटी का इलाज कराने ऋषिकेश AIIMS (उत्तराखंड) पहुंचे, तो कार्ड फर्जी होने के कारण वहां बच्ची का इलाज नहीं हो सका। ठगी की जानकारी होने पर जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद पीड़ित ने भोजीपुरा थाने में तहरीर दी।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने आबिद, सलमान, अफरोज, अरमान, देशरत्न, राममूर्ति अस्पताल के कर्मचारी नितिन और संभल सीएमओ कार्यालय के कर्मी नरेश सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना की धाराओं में मामला दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक कुंवर बहादुर सिंह और वरिष्ठ उप-निरीक्षक राजकुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने 19 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7:58 बजे अभयपुर से प्रहलादपुर जाने वाले मार्ग पर राममूर्ति अस्पताल के बॉयज हॉस्टल के पीछे ट्यूबवेल के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों (आबिद, सलमान, अरमान, अफरोज और देशरत्न) को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 13 कूटरचित आयुष्मान कार्ड, 06 कूटरचित आधार कार्ड, 22 राशन कार्ड की छायाप्रतियां और ₹2,700 नकद बरामद हुए। गिरोह द्वारा यह कृत्य संगठित रूप से किए जाने के कारण मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) की बढ़ोतरी की गई है।

फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

35,000 से 40,000 रुपये तक वसूलते थे आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपात्र लोगों को मुफ्त इलाज का झांसा देकर उनसे पैसे लेते थे। मोबाइल ऐप और पोर्टल की मदद से वे आधार व राशन कार्ड में फर्जी तरीके से नाम-पता बदलकर नकली आयुष्मान कार्ड तैयार करते थे। इसके बाद अस्पतालों और संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से योजना का अवैध लाभ उठाकर सरकार को चपत लगाते थे। प्रति मरीज वे 35,000 से 40,000 रुपये तक वसूलते थे। पुलिस द्वारा अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी है।

रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

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