उन्नाव में बैंकिंग सिस्टम को लेकर बड़ा फैसला, ऋण-जमा अनुपात 40% करने के निर्देश
Unnao News: विकास भवन सभागार में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श एवं समीक्षा समिति (DCC/DLRC) की बैठक हुई। इसमें विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति के साथ बैंकों द्वारा किए जा रहे ऋण वितरण और वित्तीय समावेशन की समीक्षा की गई। बैठक में जनपद के ऋण-जमा अनुपात (Credit-Deposit Ratio) को कम से कम 40 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग, मत्स्य, पशुपालन, स्वयं सहायता समूह (SHG) और एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण की स्थिति पर चर्चा हुई। सीडीओ ने बैंकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और सुगम तरीके से ऋण उपलब्ध कराने तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए पात्र लाभार्थियों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के एनुअल क्रेडिट प्लान (Annual Credit Plan) बुक का विमोचन भी किया। इसके माध्यम से प्राथमिकता क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर काम किया जाएगा।
किन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जिला उद्योग केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग, मत्स्य, पशुपालन, स्वयं सहायता समूह और एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड समेत विभिन्न योजनाओं में ऋण वितरण की प्रगति पर चर्चा हुई। वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी, नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी शशांक, जिला मत्स्य अधिकारी बीके दुबे, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राज कुमार, आरबीआई प्रतिनिधि नम्रता किरण, नाबार्ड प्रतिनिधि सुमित कुमार, आरसेटी निदेशक गौरव कुमार सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

