मानसून में बढ़ सकता है टाइफाइड का खतरा, इन 7 आदतों से खुद को रखें सुरक्षित
Typhoid Fever: बारिश के मौसम में पानी और खानपान से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें टाइफाइड भी शामिल है। यह Salmonella Typhi नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। दूषित पानी या भोजन के जरिए यह बैक्टीरिया शरीर में पहुंचता है। WHO के अनुसार 2019 में दुनिया भर में करीब 90 लाख लोग टाइफाइड से बीमार हुए और लगभग 1.10 लाख लोगों की मौत हुई।
टाइफाइड मुख्य रूप से फीकल-ओरल रास्ते से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित पानी या भोजन दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने पर संक्रमण हो सकता है। खराब सीवेज, गंदा पानी, खुले में रखा खाना और हाथों की सफाई न रखना इसके प्रमुख कारण हैं।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
5 से 15 साल के बच्चों, खराब स्वच्छता वाले इलाकों में रहने वालों, दूषित पानी इस्तेमाल करने वाले परिवारों और टाइफाइड प्रभावित क्षेत्रों में बार-बार यात्रा करने वालों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने वालों में भी खतरा बढ़ सकता है।
रोज की इन 7 आदतों को अपनाएं
- साबुन से कम से कम 20 सेकंड हाथ धोएं।
- उबला, फिल्टर या सुरक्षित सीलबंद पानी पिएं।
- खाना अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।
- फल-सब्जियों को साफ पानी से धोएं।
- खुले और अस्वच्छ स्ट्रीट फूड से बचें।
- किचन और बर्तनों की नियमित सफाई करें।
- शौचालय और आसपास की स्वच्छता का ध्यान रखें।
जरूरत के अनुसार टाइफाइड वैक्सीन भी बचाव में मदद कर सकती है। लगातार तेज बुखार या पेट से जुड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
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