सिस्टम की विफलता से पनपा युवाओं में असंतोष, RSS ने सकारात्मक हल की जरूरत पर दिया जोर
Sandesh Wahak Digital Desk: विशाखपत्तनम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन पर गहन मंथन हुआ। संघ ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन प्रशासनिक व संस्थागत सिस्टम की विफलता के कारण हुआ है। आरएसएस के सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय संस्थानों की कमियों के कारण असंतोष है, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
सरकार को सलाह और हिंसा न करने की अपील
संघ की ओर से सरकार को सलाह दी गई है कि वह युवाओं की समस्याओं और उनकी चिंताओं पर तत्काल ध्यान दे तथा जरूरी कदम उठाए। इसके साथ ही आंदोलन के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ न करने की अपील की गई है। संघ नेता ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान डिस्ट्रक्शन से नहीं, बल्कि सकारात्मक प्रयासों, जनजागरूकता और सरकार व समाज के साझा सहयोग से ही संभव है।
युवाओं में नशे के बढ़ते प्रभाव पर मंथन
बैठक में देश में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव और जनसंख्या असंतुलन पर चिंता जताई गई। संघ ने कहा कि भारत में फिलहाल युवाओं की आबादी अधिक है, लेकिन आने वाले वर्षों में स्थिति बदलेगी। कुछ समुदायों की आबादी तेजी से बढ़ने और कुछ की घटने से संतुलन बिगड़ रहा है। इसके अलावा युवाओं में बढ़ते नशे के प्रभाव पर भी चर्चा हुई और उन्हें सही दिशा व सकारात्मकता की ओर मोड़ने की रणनीति बनाई गई।
बैठक के दौरान संघ प्रमुख द्वारा दिए गए पंच परिवर्तन के विजन, पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखने और आरएसएस के कार्य विस्तार पर मंथन किया गया। आधुनिक तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के समाज और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एक विशेष प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया।
Also Read: मानसून में बढ़ सकता है टाइफाइड का खतरा, इन 7 आदतों से खुद को रखें सुरक्षित

