आजम खां के जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा, 494 करोड़ के निवेश का मांगा हिसाब
Azam Khan: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आयकर विभाग ने ट्रस्ट से वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक खातों के लेनदेन का दस्तावेजी ब्योरा मांगा है। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर विभाग ने कई सवाल उठाए हैं।
59 भवनों की लागत पर मांगा हिसाब
जिला मूल्यांकन अधिकारी और आयकर विभाग की 10 नवंबर 2023 की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय परिसर में 59 भवन हैं। इनकी वास्तविक निर्माण लागत करीब 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई है। विभाग ने पूछा है कि इतनी बड़ी राशि का निवेश किन स्रोतों से किया गया। इसके साथ ही जमीन, फर्नीचर और अन्य संपत्तियों में हुए निवेश का भी पूरा हिसाब मांगा गया है।
आयकर विभाग ने 24 जुलाई को ट्रस्ट को एक और नोटिस भेजा। इसमें 11 कॉर्पोरेट फर्मों से मिले चंदे का ब्योरा मांगा गया है। इन फर्मों से दान की राशि, रसीद, बहीखाता, आयकर रिटर्न और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज देने को कहा गया है।
आय और बैंक जमा में बड़ा अंतर
ट्रस्ट के 2020-21 से 2023-24 तक के आयकर रिकॉर्ड और बैंक खातों की जमा राशि में करीब 59.25 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। विभाग ने इस अंतर का मिलान और स्पष्टीकरण मांगा है।
आयकर विभाग ने 23 जून को वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी, कर चोरी, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और ट्रस्ट से जुड़े अन्य आरोपों के आधार पर उसका पंजीयन रद्द कर दिया था। विभाग की कार्रवाई के बाद ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच और तेज हो गई है।

