एनआरएचएम घोटाला: बलरामपुर में विजिलेंस की ताबड़तोड़ छापेमारी, पूर्व विधायक के फरार भाई की तलाश तेज
Balrampur News: स्वास्थ्य महकमे में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) और अन्य योजनाओं में हुए करोड़ों रुपये के घपले की जांच ने एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। वित्तीय अनियमितताओं की परतें उधेड़ने के लिए विजिलेंस की विशेष टीम ने शनिवार को जिले में दस्तक दी और एक के बाद एक कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ताबड़तोड़ पड़ताल की। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्रबिंदु घोटाले के मुख्य आरोपी व पयागपुर (बहराइच) के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के लिपिक भाई अजय श्रीवास्तव की तलाश और गायब फाइलों को बरामद करना रहा।
वर्ष 2017 से 2022 के बीच स्वास्थ्य विभाग में सरकारी धन के कथित बंदरबांट और फर्जीवाड़े की जांच विजिलेंस कर रही है। खरीद-फरोख्त और भुगतानों से जुड़े कई अहम दस्तावेज विभागीय रिकॉर्ड से गायब थे, जिसकी तलाश में टीम सीधे मैदान में उतरी। टीम ने संयुक्त जिला अस्पताल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचकर पुराने अभिलेख तलब किए। जिला अस्पताल में सीएमएस से वार्ता के बाद चार स्टाफ नर्सों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही सीएमओ दफ्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों से पत्रावलियों की स्थिति पर तीखे सवाल पूछे गए और गायब पत्रावलियों को तत्काल उपलब्ध कराने की सख्त हिदायत दी गई।
घोटाले का यह संजाल जिले के नौ सामुदायिक और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक फैला हुआ था। उस दौर में तैनात अफसरों की मिलीभगत से पूर्व विधायक और उनके भाई ने मेंटेनेंस, दवाओं व मेडिकल उपकरणों की खरीद के नाम पर अपने और रिश्तेदारों की फर्मों को करोड़ों रुपये का अवैध भुगतान कराया था। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए विजिलेंस टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज और उतरौला भी पहुंची। वहां एनआरएचएम मद से हुए खर्चों, स्टॉक रजिस्टरों और बिल-वाउचरों का गहन परीक्षण किया गया तथा कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
मामले में संलिप्त कई अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। अब जांच एजेंसी विभिन्न केंद्रों से जुटाए गए साक्ष्यों का मिलान कर नेटवर्क को अंतिम रूप देने में जुटी है। वहीं, लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य सूत्रधार लिपिक अजय श्रीवास्तव के कई ठिकानों पर दबिश दी गई, हालांकि वह हाथ नहीं लगा। जांच अधिकारियों का मानना है कि अजय की गिरफ्तारी के बाद सिंडिकेट के कई अन्य बड़े चेहरों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम राज सामने आ सकेंगे।
रिपोर्ट- योगेंद्र त्रिपाठी
Also Read: बंगाल की खाड़ी में पनामा का मालवाहक जहाज डूबा, 24 सदस्यों वाले क्रू में 20 चीनी नागरिक शामिल

