यूपी के इस शहर में मिला स्वाइन फ्लू का पहला केस, MBBS डॉक्टर संक्रमित
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू (H1N1) का पहला पॉजिटिव केस दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शहर के एक स्थानीय एमबीबीएस डॉक्टर में बीते तीन दिनों से तेज बुखार, सर्दी-जुकाम और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसके बाद निजी पैथोलॉजी लैब में कराई गई RT-PCR जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आते ही डॉक्टर का तुरंत एंटीवायरल दवाओं के साथ चिकित्सकीय निगरानी में इलाज शुरू कर दिया गया है। वहीं, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन डॉक्टर के माता-पिता को भी ‘टेमीफ्लू’ दवा देकर पूरे परिवार को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है।
स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने की आशंका
स्वास्थ्य विभाग के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण के प्राथमिक स्रोत (सोर्स) की पहचान करना बना हुआ है। शुरुआती जांच मंत सामने आया है कि संक्रमित डॉक्टर ने हाल-फिलहाल में कोई यात्रा नहीं की थी। ट्रैवल हिस्ट्री न होने के कारण यह आशंका प्रबल हो गई है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही किसी अज्ञात संक्रमित व्यक्ति या मरीज के संपर्क में आने से यह बीमारी हुई है। विभाग अब डॉक्टर के संपर्क में आए सभी संभावित लोगों की ट्रेसिंग कर रहा है ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
जिला अस्पताल में 15 बेड आरक्षित
स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट मोड अपना लिया है। शासन के निर्देशों के तहत मुरादाबाद के जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू और गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के संदिग्ध मरीजों के लिए 15 बेड का विशेष आरक्षित वार्ड तैयार किया गया है। इनमें 3 बेड इमरजेंसी वार्ड में, 2 बेड SARI वार्ड में और 10 बेड आपदा प्रबंधन वार्ड में आरक्षित रखे गए हैं। सांस लेने में तकलीफ या तेज बुखार वाले मरीजों की तुरंत जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें। बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, लक्षण दिखने पर खुद से दवा (सेल्फ-मेडिकेशन) लेने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
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