अखिलेश यादव के बयान पर इमरान मसूद का पलटवार, कहा– राहुल के नेतृत्व में लड़ेंगे यूपी का चुनाव, बाकी सब सहयोगी

Saharanpur News: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सीटों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर बयानों का दौर तेज हो गया है। सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद के ताजा बयान ने सपा-कांग्रेस गठबंधन के अंदर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। दरअसल, एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि यूपी का चुनाव मुख्य रूप से भाजपा बनाम सपा रहेगा।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने साफ कहा कि देश में मुख्य लड़ाई दो विचारधाराओं के बीच है एक का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बदलाव की लड़ाई में बाकी सभी दल राहुल गांधी के सहयोगी हैं और यह पूरी जंग उन्हीं की अगुवाई में लड़ी जा रही है।

जेपीएनआईसी निजीकरण और संविदा भर्तियों पर सरकार को घेरा

लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को निजी हाथों में सौंपने के अखिलेश यादव के आरोपों का समर्थन करते हुए इमरान मसूद ने केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा बनाई गई संपत्तियों को यह सरकार बेचने का काम कर रही है और देश में सब कुछ ठेके (लीज) पर चलाया जा रहा है। मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार नियमित नौकरियां देने से बच रही है ताकि आरक्षण न देना पड़े। जब संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) स्तर के अधिकारियों की भर्तियां भी संविदा पर की जा रही हैं, तो इससे समझा जा सकता है कि देश को किस दिशा में ले जाया जा रहा है।

युवाओं की स्थिति पर चिंता और टैबलेट वितरण पर सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जेन-जी (युवाओं) को टैबलेट बांटे जाने के फैसले पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि चुनावी लुभावने वादों से युवाओं का भला नहीं होने वाला। उन्होंने गंभीर आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों में देश के प्रमुख संस्थानों (IITs) के करीब 70 छात्रों ने आत्महत्या की है। अगर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों के बच्चे मानसिक तनाव और बेरोजगारी के दबाव में जान दे रहे हैं, तो इससे देश के बिगड़े हालात और युवाओं के अनिश्चित भविष्य का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

हिजाब विवाद और कंगना रनौत की टिप्पणी पर करारा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर जिसमें हिजाब को स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं माना गया इमरान मसूद ने कहा कि किसी के पहनावे को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि सिर ढकना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। वहीं, अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन की आलोचना किए जाने पर मसूद ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कंगना को दूसरों के पहनावे पर टिप्पणी करने से पहले खुद के कपड़ों पर ध्यान देना चाहिए, वे अक्सर दूसरों के परिधानों पर बेवजह बयानबाजी करती रहती हैं।

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