Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा, 1,500 से अधिक लापता, 290 भारतीयों से संपर्क टूटा
Nepal Flood Update: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ (Flash Flood) ने तबाही का आंकड़ा और बढ़ा दिया है। गुरुवार तक नेपाल और तिब्बत में कुल 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दोनों तरफ मिलाकर 1,500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल में 389 और तिब्बत में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
भारत सरकार के मुताबिक, लापता भारतीयों में पर्यटक, कैलाश मानसरोवर यात्री और अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले लोग शामिल हैं। राहत की बड़ी खबर यह है कि कई भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
त्रिशूली-1 परियोजना से जुड़े 63 भारतीय कर्मचारियों को भी रेस्क्यू किया गया है। वहीं करीब 200 भारतीय मानसरोवर यात्री तिब्बत की तरफ से सुरक्षित निकासी की मांग कर रहे हैं।
350 मजदूरों को टनल से निकाला गया
बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल सेना ने त्रिशूली क्षेत्र में हाइड्रोपावर परियोजना की एक सुरंग में फंसे करीब 350 मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा नेपाल पुलिस के मुताबिक सैकड़ों लोगों को हेलिकॉप्टर और सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
हालांकि, तबाही के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल बना हुआ है। कई सड़कें और पुल बह चुके हैं। बेट्रावती से रसुवागढ़ी सीमा तक करीब 42 किलोमीटर सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित इलाकों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
अब नई झील से मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

सबसे बड़ी चिंता अब लेंडे नदी में बनी अस्थायी झील को लेकर है। सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में नदी के बहाव में रुकावट सामने आई है। इससे प्राकृतिक बांध जैसी स्थिति बन गई है। अगर यह अवरोध टूटता है तो नीचे की तरफ अचानक दूसरी बाढ़ (Secondary Flood) आ सकती है और पहले से तबाह इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, भारी बारिश के बजाय बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के नदी में गिरने से रास्ता अवरुद्ध हुआ और उसके बाद पानी व मलबे का तेज बहाव नीचे आया। हालांकि, आपदा के सटीक कारण की जांच अभी जारी है।
भारत भी लगातार नेपाल के संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया है। भारतीय एजेंसियां लापता नागरिकों की जानकारी जुटाने और सुरक्षित निकासी के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही हैं।
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