राणा पर ED का शिकंजा और कसा, 20 साल पुराने ITR खंगाले, अब आय से अधिक संपत्ति का केस!

ED Investigation: फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए करीब 27 करोड़ रुपये की कथित कर चोरी के मामले में घिरे पूर्व बसपा एमएलसी शाहनवाज राणा (Shahnawaz Rana) की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब उनकी आय और संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी करीब 20 साल पुराने आयकर रिटर्न (ITR) खंगालकर उनकी घोषित आय और संपत्तियों का मिलान कर रही है।

ED की जांच का फोकस इस बात पर है कि वर्ष 2007 में एमएलसी बनने से पहले और उसके बाद राणा की आय कितनी थी और इस दौरान उन्होंने कितनी चल-अचल संपत्तियां अर्जित कीं। उनके करीबी परिजनों के बैंक खातों, संपत्तियों और कारोबार से जुड़े लेन-देन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

संपत्तियों और कंपनियों के लेन-देन पर नजर

हाल में Shahnawaz Rana से जुड़े मीडिया हाउस पर हुई छापेमारी के दौरान ईडी को कथित तौर पर उनकी और परिजनों की करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के सुराग मिले थे। जांच एजेंसी अब बैंक खातों के लेन-देन का रिकॉर्ड हासिल कर उसे वर्षों से दाखिल ITR से मिलाने की तैयारी में है।

इसके अलावा राणा से जुड़े कारोबार और कंपनियों में हुए वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में शेल कंपनियों के जरिए रकम इधर-उधर करने और बाद में नकदी निकालने से जुड़े सुराग मिलने की बात सामने आई है।

आय से अधिक संपत्ति का केस संभव

ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि Shahnawaz Rana की घोषित आय और उनकी संपत्तियों के बीच कोई बड़ा अंतर तो नहीं है। अगर जांच में आय और संपत्ति में गंभीर अनियमितता सामने आती है तो उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का अलग मामला दर्ज किया जा सकता है।

फर्जी ITC मामले में पूछताछ के लिए ईडी उन्हें जल्द समन भेज सकती है। पूछताछ के दौरान उनका बयान दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सहयोग नहीं करने या अन्य गंभीर तथ्य सामने आने की स्थिति में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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