SGPGI में बाल स्ट्रोक के इलाज पर मंथन, 24×7 स्ट्रोक यूनिट की बढ़ी क्षमता
Lucknow SGPGI: लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में 29 और 30 अगस्त को ISNR मिड-टर्म CME-2026 का आयोजन हो रहा है। इस सम्मेलन का विषय ‘बचपन में मस्तिष्क की रक्तवाहिका संबंधी विकृतियां’ है। इसमें देशभर से न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोइंटरवेंशन विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षु डॉक्टर शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम में बाल स्ट्रोक, न्यूरो-ऑन्कोलॉजी, स्ट्रोक इमेजिंग और आधुनिक न्यूरोइंटरवेंशनल उपचार पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ जटिल मामलों पर केस डिस्कशन और व्यावहारिक कार्यशालाएं भी करेंगे।
बच्चों के जटिल रोगों पर खास फोकस
सम्मेलन में सेरेब्रल वैस्कुलर मैलफॉर्मेशन, वेन ऑफ गैलेन मैलफॉर्मेशन, पायल आर्टेरियोवेनस फिस्टुला और पेडियाट्रिक स्यूडोएन्यूरिज्म जैसे रोगों पर चर्चा होगी। मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी, कैरोटिड इंटरवेंशन और इंट्राक्रेनियल एन्यूरिज्म के इलाज पर भी विशेषज्ञ जानकारी साझा करेंगे।
संस्थान की 24×7 स्ट्रोक यूनिट पहले से उन्नत स्ट्रोक उपचार दे रही है। इसके साथ पेडियाट्रिक न्यूरोइंटरवेंशनल कार्यक्रम विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में जटिल मस्तिष्क और रक्तवाहिका रोगों का इमेज-गाइडेड इलाज उपलब्ध कराना है।
एक छत के नीचे मिलेंगी सेवाएं
रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष प्रो. अर्चना गुप्ता ने कहा कि न्यूरोरेडियोलॉजी अब सिर्फ बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं है। यह इलाज का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
सीएमई अध्यक्ष प्रो. विवेक सिंह ने कहा कि सम्मेलन नई तकनीक को बेहतर मरीज देखभाल में बदलने का मंच है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर के जरिए बच्चों के लिए समर्पित न्यूरोरेडियोलॉजी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है।

