स्वतंत्र भारद्वाज ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, गिरफ्तारी को बताया अवैध
Swatantra Bhardwaj: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान मारपीट के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की है। साथ ही याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
स्वतंत्र की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस करिया की बेंच के सामने मामला रखा। वकील ने बताया कि भारद्वाज पिछले तीन दिनों से हिरासत में हैं। उनकी गिरफ्तारी 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से की गई थी।
दलित यूट्यूबर के पिता से मारपीट का आरोप
स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने सीजेपी के आंदोलन के दौरान एक दलित यूट्यूबर के पिता की पिटाई की थी। हाल में एक इंटरव्यू में उन्होंने संजय आजाद नाम के व्यक्ति को पीटने की बात कबूल की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीतिक कनेक्शन के चलते वह बच गए थे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसके बाद मामला और गरमा गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित पक्ष का समर्थन किया। वहीं सीजेपी नेताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया। आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी धरने में शामिल हुए।
SC-ST और POCSO एक्ट में केस
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने स्वतंत्र के खिलाफ SC-ST एक्ट और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। शुरुआत में उनके खिलाफ BNS की धारा 115(2) (चोट पहुंचाना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत केस दर्ज किया गया था। अब हाई कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है।

