NSA लगाने वाली DM मेधा रूपम पर हाईकोर्ट सख्त, 5 लाख का हर्जाना अफसरों की जेब से वसूलेगा कोर्ट
Akriti Chaudhary NSA Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा के मजदूर आंदोलन से जुड़े मामले में छात्र नेता आकृति चौधरी पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने NSA लगाने की प्रक्रिया में अफसरों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए 5 लाख रुपये मुआवजा (Compensation) देने का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा कि मुआवजे की रकम उन अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए, जो आकृति पर NSA लगाने की प्रक्रिया में जिम्मेदार रहे। इसमें नोएडा की तत्कालीन डीएम मेधा रूपम (DM Medha Roopam) से लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों तक की जिम्मेदारी तय की गई है।
मजदूर आंदोलन के बाद आकृति पर लगा था NSA
न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम और साप्ताहिक छुट्टी जैसे मुद्दों को लेकर अप्रैल में गौतमबुद्धनगर में मजदूरों का आंदोलन हुआ था। आकृति (Akriti Chaudhary) को पुलिस ने 11 अप्रैल की शाम हिरासत में लिया, जबकि उसकी गिरफ्तारी 12 अप्रैल को दिखाई गई। इसके बाद उस पर NSA लगाया गया, जिसके तहत बिना सामान्य मुकदमे के लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है।
हाईकोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने 2 सितंबर को NSA रद्द किया था। विस्तृत आदेश सोमवार को सामने आया। कोर्ट ने कहा कि आंदोलन के दौरान 13 अप्रैल को हुई हिंसा से दो दिन पहले हिरासत में ली गई आकृति को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराने के पर्याप्त सबूत नहीं थे।
अदालत के मुताबिक, डीएम ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते समय उपलब्ध सबूतों का निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं किया और यह भी नहीं देखा कि सामान्य आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई पर्याप्त क्यों नहीं थी।
कोर्ट ने DM के आदेश पर जताई कड़ी नाराजगी
हाईकोर्ट ने Medha Roopam के NSA आदेश को बेहद गंभीरता से लेते हुए कहा कि अधिकारियों को संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर निष्पक्ष तरीके से काम करना होता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर अधिकारी अपनी शपथ और संवैधानिक जिम्मेदारी से हटेंगे तो जनता उन्हें दमनकारी शासन की निशानी के तौर पर देख सकती है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि NSA का इस्तेमाल ऐसा उदाहरण बनाने के लिए किया गया, जिससे दूसरे लोग मजदूर आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरने से डरें। अदालत ने डीएम को निष्ठा की शपथ के उल्लंघन का दोषी बताते हुए इसे मुआवजे का उपयुक्त मामला माना।
सर्विस रिकॉर्ड में भी दर्ज होगी कोर्ट की नाराजगी
कोर्ट ने आकृति की ओर से मांगे गए 50 लाख रुपये के मुआवजे के बजाय 5 लाख रुपये देने का आदेश दिया। खास बात यह है कि इस रकम का भार सरकार पर डालने के बजाय उन अधिकारियों से वसूलने को कहा गया है, जिन्होंने NSA की कार्रवाई में भूमिका निभाई।
साथ ही DM और संबंधित पुलिस अधिकारियों के आचरण को लेकर अदालत की नाराजगी उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि NSA हटने के बाद आकृति की रिहाई अन्य मामलों में जमानत मिलने पर निर्भर करेगी।
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