लाल टोपी के बाद अब नीली ड्रेस में भी दिखेंगे सपाई, अखिलेश ने बदला ड्रेस कोड
Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी छात्र इकाई को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सपा छात्र सभा के कार्यकर्ता अब तय ड्रेस कोड में नजर आएंगे। इसके तहत कार्यकर्ता नीली पैंट-नीली शर्ट या नीली जींस-नीली टी-शर्ट पहनेंगे। टी-शर्ट पर छात्र सभा का लोगो और सपा का चुनाव चिह्न साइकिल बना होगा।
लाल टोपी के बीच नीले रंग की चर्चा
समाजवादी पार्टी की पहचान लंबे समय से लाल टोपी और लाल गमछे से जुड़ी रही है। अखिलेश यादव भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर लाल गमछे और लाल टोपी में नजर आते हैं। हालांकि, 31 अगस्त को लखनऊ में जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक में वह नीला गमछा पहने दिखे थे। शिवपाल सिंह यादव भी उस दिन नीले गमछे में नजर आए थे।
अब छात्र सभा के लिए नीली यूनिफॉर्म तय होने के बाद इसके राजनीतिक संकेतों को लेकर चर्चा तेज है। यूपी की राजनीति में नीला रंग लंबे समय से दलित आंदोलन और बसपा से जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में सपा के इस फैसले को दलित मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
PDA रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा फैसला
अखिलेश यादव पिछले कुछ चुनावों से PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण पर जोर देते रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने यूपी की 37 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 33 सीटें मिली थीं। सपा की इस सफलता को PDA रणनीति से भी जोड़कर देखा गया।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश PDA की अलग-अलग व्याख्याओं के साथ सामाजिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। छात्र सभा का नीला ड्रेस कोड भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, सपा दलित और पिछड़े वर्ग के उन मतदाताओं को अपने साथ जोड़ना चाहती है, जो पिछले चुनावों में उसके पक्ष में आए थे।

