2008 हत्याकांड में गवाही के लिए नहीं पहुंचे विवेचक, कोर्ट ने लगाया हर्जाना, गिरफ्तारी के दिया आदेश
Allahabad High Court: प्रयागराज में साल 2008 के बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई में लगातार हो रही देरी पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर द्विवेदी की अदालत ने विवेचक राजकुमार शर्मा के खिलाफ कड़े आदेश जारी किए हैं। बिना कारण अदालत में अनुपस्थित रहने पर उन पर 2 हजार रुपये का हर्जाना लगाया गया है।
मामला कीडगंज थाने के अपराध से जुड़ा है। इसमें धर्मेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य आरोपितों पर अमित सिंह की हत्या का आरोप है। कोर्ट के मुताबिक 18 सितंबर 2019 को आरोप तय होने के बाद अभियोजन के छह गवाहों की गवाही हो चुकी है। लेकिन विवेचक की गवाही नहीं होने से मुकदमे की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है।
वाराणसी जाकर गिरफ्तारी के निर्देश
अदालत ने विवेचक के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट का पालन कराने के लिए उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा है। थाना प्रभारी कीडगंज को आवश्यक पुलिस बल के साथ वाराणसी जाने और विवेचक को गिरफ्तार कर 22 सितंबर 2026 को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।
वेतन से कटेगा जुर्माना, डीजीपी से जांच
पुलिस आयुक्त वाराणसी को 2 हजार रुपये विवेचक के वेतन से काटकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के खाते में जमा कराने और रिपोर्ट देने को कहा गया है। आदेश की प्रतियां यूपी डीजीपी, पुलिस आयुक्त वाराणसी और इलाहाबाद हाईकोर्ट की अति प्राचीनतम वादों के निस्तारण समिति को भेजी गई हैं। डीजीपी से यह जांच भी कराने को कहा गया है कि बार-बार आदेश और वारंट के बावजूद विवेचक क्यों नहीं पहुंचे।
उधर, वाराणसी में दलित महिला से दुष्कर्म के मामले में गवाही के लिए पेश नहीं होने पर तत्कालीन भेलूपुर सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को भी गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया गया है। वर्तमान में वह कौशाम्बी में सीओ सिराथू हैं। कोर्ट ने वेतन रोकने का भी आदेश दिया है। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

