फतेहपुर में 1.80 करोड़ की वक्फ संपत्ति हड़पने का सनसनीखेज खुलासा!
Fatehpur News: फतेहपुर जनपद के पानी स्टेशन रोड की बहुचर्चित वक्फ संपत्ति मकान व दुकान नंबर 423/398 पर भू-माफिया द्वारा कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। चितवापुर निवासी नफीस अहमद पुत्र वाहिद अहमद ने DSP फतेहपुर और वक्फ बोर्ड से संपत्ति हड़पने वालों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित नफीस अहमद पुत्र वाहिद अहमद, निवासी 55/35 चितवापुर, हुसैनगंज, लखनऊ का रहने वाला है। वह लखनऊ में मजदूरी कर अपने बेटे अरबाज खान और बेटी का पेट पालता है। उसकी माता नजबुन निशा, नाना स्व. हुसैन बख्श और नानी स्व. शइदुन निशा इस संपत्ति के मूल मालिक हैं।
वक्फ की क्या है कहानी
नाना-नानी ने वसीयत की थी कि यह संपत्ति बेची नहीं जा सकती। इसका किराया उनकी चारों बेटियों व बेटा स्व. गुलाम साबिर उर्फ लाला और फिर उनकी औलादों को मिलता रहेगा। इसी वसीयत के तहत पूरी संपत्ति को उप्र सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में वक्फ कर दिया गया था। आज भी नगर पालिका फतेहपुर में इसका हाउस टैक्स हुसैन बख्श के नाम से ही जमा हो रहा है।
किस पर है आरोप
पीड़ित ने अपने खाला के लड़के मकान नम्बर 894/749 मो. जाकिर खा पुत्र मो नासीर खा मास्टर उर्फ नासिर मास्टर, निवासी मसवानी मोहल्ला, बाकरगंज, फतेहपुर और उसके दो भाइयों गुड्डू व पप्पू पर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि इन लोगों ने फर्जी कागज़ दिखा के नगर पालिका फतेहपुर में जमीन अपने नाम दर्ज कर ली है ये बड़े भू-माफिया हैं और इन पर पहले से थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं।
कैसे किया फर्जीवाड़ा
आरोप है कि इन लोगों ने 5 दुकानों वाली इस वक्फ संपत्ति को 1 करोड़ 80 लाख रुपये में सिर्फ 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर भू-माफिया को बेच दिया और सारा पैसा हड़प लिया। इसकी कोई पक्की रजिस्ट्री नहीं हुई है और खुद को फर्जी मालिक बता रहे हैं।

किरायेदार कौन हैं और क्या हो रहा है?
इस संपत्ति में 3 दुकानें किराये पर चल रही हैं:
1. एडवोकेट अब्दुल समद की दुकान
2. फैंसी मेन्स पार्लर शॉप रजिस्ट्रेशन नंबर: UPSA43716837
3. भारत ग्रामोफोन GSTIN number.: 09GFNPK9437R1Z4
आरोप है कि आरोपी इन दुकानदारों से गुंडागर्दी करके अकेले ही सारा किराया वसूल रहे हैं और असली वारिस को उसका हक नहीं दे रहे। जब पीड़ित लखनऊ से फतेहपुर अपना हक मांगने जाता है तो उसे गंदी-गंदी गालियां देकर मारकर भगा दिया जाता है और कहा जाता है- “फतेहपुर में दिखाई मत देना, जान से मार देंगे।”
पीड़ित ने DSP फतेहपुर और वक्फ बोर्ड से मांग की है कि फर्जी कागजों की जांच हो, नगर पालिका और वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड से मिलान हो, वक्फ संपत्ति को सील कर सरकारी बोली लगाई जाए और जान से मारने की धमकी देने वालों पर सख्त FIR दर्ज की जाए।
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